गाजीपुर। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUPUCTA) के आह्वान पर जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी गाजीपुर को सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से संबद्ध गाजीपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों ने ज्ञापन के माध्यम से पुरानी पेंशन योजना लागू करने, फीडर कैडर, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, चिकित्सकीय अवकाश, पदोन्नति, स्थानांतरण एवं पदस्थापन सहित लगभग 30 लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया।पीजी कॉलेज मलिकपुरा के प्रोफेसर डॉ. शिव प्रताप यादव ने बताया कि शिक्षकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद शिक्षक हितों से जुड़े कई विषयों पर अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं हो सका है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।शिक्षकों ने कहा कि लंबित मांगों का समाधान नहीं होने से महाविद्यालयी शिक्षकों में असंतोष है। शासन को शिक्षक हितों की रक्षा और उच्च शिक्षा के विकास को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित कदम उठाना चाहिए।इस अवसर पर डॉ. शिव प्रताप यादव, डॉ. राकेश पांडेय, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. लालचंद पाल, डॉ. केपी सिंह, डॉ. सुशील तिवारी, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. जी. सिंह, डॉ. राम दुलारे, डॉ. गोपाल यादव एवं डॉ. अभिषेक यादव सहित विभिन्न महाविद्यालयों के 100 से अधिक शिक्षक उपस्थित रहे।शिक्षकों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेंगे।