नई दिल्ली।इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोशिएशन (आई एम ए -आयुष ) ने अपना 40वाँ वार्षिकोत्सव भगवान धनवंतरि जयंती समारोह का आयोजन एन डी एम सी सभागार, जंतर मंतर,कनॉट प्लेस में किया गया जिसमें डॉ पी के प्रजापति जी ने समारोह का उद्घाटन भगवान् धनवंतरि पूजा से किया।आई एम ए-आयुष के मीडिया प्रभारी एवं लीगल कमेटी के चेयरमैन डॉ रामफल पांचाल ने बताया कि इसके बाद धनवंतरि वंदना से आयोजन का शुभारंभ हुआ। इसके बाद सुर झंकार ग्रुप मे भगवान् गणेश वंदना का आयोजन किया। और समुन्द्र मंथन में किस प्रकार भगवान् धनवंतरी जी का अवतार हुआ इसका मंचन किया गया।इसके बाद आई एम ए- आयुष की महिला चिकित्सकों ने भगवान् धन्वन्तरी जी की वंदना का गायन किया।समारोह की अध्यक्षता प्रो.(डॉ)पी. के. प्रजापति निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (A.I.I.A.) ने की। विशिष्ट अतिथि एवं गणमान्य अतिथि डॉ सुश्रुत कन्नौजिया, अध्यक्ष(बोर्ड ऑफ एथिक्स और रजिस्ट्रेशन) एन आई एस एम (NCISM) भारत सरकार, मुरली मनोहर पाठक जी उप कुलपति लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय, दिल्ली, और राकेश थपलियाल जी, अध्यक्ष नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट, भारत रहे।इन सभी अतिथियों का स्वागत आई एम ए (आयुस) दिल्ली राज्य के पदाधिकारियों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर किया। डॉ सुश्रुत कनोजिया ने अपने भाषण में कहा कि संगठन बहुत जरूरी है जिससे किसी भी संस्था का भविष्य तय होता है।संस्था के दिल्ली के अध्यक्ष डॉ अरुण कटारिया ने भी सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह देकर और फूल माला पहनाकर किया। आई एम ए – आयुष के राष्ट्रीय महासचिव डॉ रमन खन्ना ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।संस्था मीडिया प्रभारी डॉ रामफल पांचाल ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा में सराहनीय कार्य करने के लिए संस्था का धनवंतरि अवॉर्ड प्रो.(डॉ) के.के.सिज़ोरिया पूर्व प्रधानाचार्य आयुर्वेदिक एंड यूनानी तिब्बिया कॉलेज दिल्ली, डीन फैकल्टी ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली विश्वविद्यालय और डॉ दुर्गा प्रसाद जी, मार्केटिंग निदेशक, डाबर इंडिया लिमिटेड को धन्वन्तरी अवॉर्ड देकर सम्मानित किया।आयुर्वेद चिकित्सा में सराहनीय योगदान के लिए सुश्रुत अवार्ड डॉ शुभम सैनी जी, झज्जर (हरियाणा)और चरक अवार्ड डॉ वीना हिमांशु शर्मा HOD & एसोसिएट प्रोफेसर, MSM Institute of Ayurved, सोनीपत (हरियाणा) को देकर सम्मानित किया। डॉ पुरुषोत्तम पालीवाल जी को भी सम्मानित किया गया इन्होंने अपने जीवन में 86 बार रक्तदान किया। डॉ फ़मीदा कौशर को एप्रीसिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। डॉ आयशा परवीन को भी एप्रीसिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
डॉ रामफल पांचाल ने बताया कि संस्था ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड संस्था के हित में सराहनीय कार्य के लिए डॉ चंद्रशेखर भारद्वाज जी को दिया गया।संस्था के संरक्षक डॉ आर एस चौहान जी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।डॉ पांचाल ने बताया कि समारोह में संस्था में उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को भी प्रोत्साहित किया जाता हैं। इस वर्ष डॉ जे एस पंवार मेमोरियल अवॉर्ड डॉ मुनीश गुलाटी, दिल्ली और डॉ हरि शंकर देव शर्मा मेमोरियल अवॉर्ड डॉ विजेंद्र पाल सिंघला फरीदाबाद को दिया गया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteअलग अलग राज्यों से आए चिकित्सकों को भी जिनमें हरियाणा में फरीदाबाद, पानीपत, करनाल, कैथल और झज्जर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से आए सभी चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।संस्था के संरक्षक डॉ आर एस चौहान जी ने अपने भाषण में बताया कि हमारी संस्था आई एम ए- आयुष ने पिछले 40 साल में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के विकास और प्रचार में क्या क्या उपलब्धियां प्राप्त कि और हमारी संस्था एक गैर सरकारी संगठन है लेकिन अपने प्रैक्टिशनर के अधिकारों के लिए लड़ती आ रही है।संस्था के संरक्षक डॉ आर एस चौहान जी ने संस्था के पिछले 40 सालों का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारी संस्था ने भारतीय चिकित्सा पद्धति के विकास एवं प्रसार के लिए संघर्ष करती आ रही हैं इसी का नतीजा आज भारत सरकार में अलग से आयुष मंत्रालय की स्थापना हुई।
संस्था के मीडिया प्रभारी एवं लीगल कमेटी के चेयरमैन डॉ रामफल पांचाल ने बताया कि निदेशक ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद डॉ पी के प्रजापति जी ने प्रैस व मीडिया विभाग में आयुर्वेद के प्रचार व प्रसार में सहभागिता के लिए सुश्री सर्जना शर्मा जी को एप्रीसिएशन अवॉर्ड दिया गया।आयुष मंत्रालय में मीडिया प्रभारी श्री गौरव शर्मा जी, अशोक किंकर (मैनेजिंग एडिटर, खेल टुडे ग्रुप), कृष्ण कुमार तिवारी, समूह संपादक, पहल टुडे, सुश्री मीना कुमारी जांगिड़ वरिष्ठ सलाहकार (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद), प्रहलाद राजपूत (राजावत टाइम्स), अजीत सिंह (राष्ट्रीय छात्र शक्ति), अक्षीव ठाकुर, हिमांशु पांडे वीरेंद्र कुमार गुप्ता,सचिन बुधौलिया, कार्यकारी संपादक, हिन्दुस्थान समाचार, विशाल मिश्रा, सुभाष चन्द्र, संपादक, न्यूज हरपल वेबसाइट, सुश्री अभि सिंघल (पायनियर) गुरविंदर सिंह जी को संस्था का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।डॉ पांचाल ने अपने भाषण में बताया कि कानून के शब्द जब तक मृत हैं जब तक उनको कार्यवंतित नहीं करते। हमारी संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में जो केस चल रहा हैं उसके 1998 में जो ऑर्डर आया उसकी बदौलत ही 1 अक्टूबर 2018 में जो ऑर्डर आया वो संस्था की मेहनत का नतीजा है।हमारी संस्था ने दिल्ली भारतीय चिकित्सा परिषद के चुनाव के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय से जीत कर चुनाव फिजिकल कराने का आदेश पारित करवाया, सुप्रीम कोर्ट में भारतीय चिकित्सा पद्धति का इंटीग्रेशन अधिकार पर स्टे करवाया, राष्ट्रीय आयोग, भारतीय चिकित्सा पद्धति, भारत सरकार में आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों को इंटीग्रेशन का अधिकार दिलवाया, दिल्ली में आई एस एम के डाक्टरों के मेडिकल सर्टिफिकेट को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित करवाया,दिल्ली में आयुर्वेद और यूनानी के चिकित्सकों के लिए राष्ट्रीय सी एम ई का आयोजन करवाया जो हर साल होने वाले रिन्यूअल के लिए आवश्यक है।
डॉ पांचाल ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संस्था ने अपनी स्मारिका बनाई संस्था के मुख्य संपादक डॉ लव कुमार और संपादक मंडल के सदस्य डॉ राजीव मल्होत्रा, डॉ मो. अशद, डॉ शैलेश द्विवेदी, डॉ के के सिंघल और डॉ जितेन्द्र गौड़ का बहुमूल्य योगदान दिया।समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों और चिकित्सकों का धन्यवाद देते हुए दिल्ली राज्य के अध्यक्ष डॉ अरुण कटारिया जी ने सभी का आभार प्रकट किया।