विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए सुरक्षित एप्लीकेशन प्रोजेक्ट

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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय और आईईईई द्वारा आयोजित 6 दिवसीय “सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट” कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।समापन सत्र में कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सिक्योरिटी की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज बैंकिंग से लेकर शिक्षा और शासन तक सब कुछ डिजिटल हो रहा है, ऐसे में साइबर हमलों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने के लिए भारत को लाखों कुशल साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की जरूरत है।कुलपति ने साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भविष्य की अपार संभावनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में डीआरडीओ, इसरो, सी ई आरटी इन, भारतीय सेना की साइबर सेल, बैंकिंग सेक्टर और बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के बेहतरीन अवसर हैं।समापन सत्र में विशेषज्ञ डॉ. अनुप गिरधर ने गूगल क्लासरूम पर अपलोड किए गए सभी प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया। इनोवेशन, सिक्योरिटी फीचर्स और प्रेजेंटेशन के आधार पर बेस्ट 3 प्रोजेक्ट्स को पुरस्कृत किया गया।इस अवसर पर डॉ. अनुप ने छात्रों की मेहनत की सराहना की और कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्रों में काफी संभावनाएं हैं।प्रथम पुरस्कार टीम यासिर, अभिलाषा और तनु के प्रोजेक्ट को दिया गया। द्वितीय पुरस्कार प्रेरणा और प्राची को उनके बनाए गये प्रोजेक्ट के लिए दिया गया। तृतीय पुरस्कार इप्सिता और आंचल को उनके प्रोजेक्ट के लिए मिला। विजेताओं को कुलपति एवं अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संयोजन डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्रा ने किया। संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने बताया कि 90 से अधिक छात्रों ने इस कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूरा किया। कार्यक्रम में आईईईई के ब्रांच चेयर सृजन श्रीवास्तव, सचिव इप्सिता श्रीवास्तव, अदिति, शिवांगी, शिवांश, हिमानी, अर्चना, सागर, मयंक, आंचल, अमन और आदित्य आदि ने सहयोग किया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ।

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विश्वविद्यालय में 6 दिवसीय सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट कार्यशाला का हुआ समापन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय और आईईईई द्वारा आयोजित 6 दिवसीय “सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट” कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।समापन सत्र में कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सिक्योरिटी की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज बैंकिंग से लेकर शिक्षा और शासन तक सब कुछ डिजिटल हो रहा है, ऐसे में साइबर हमलों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने के लिए भारत को लाखों कुशल साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की जरूरत है।कुलपति ने साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भविष्य की अपार संभावनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में डीआरडीओ, इसरो, सी ई आरटी इन, भारतीय सेना की साइबर सेल, बैंकिंग सेक्टर और बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के बेहतरीन अवसर हैं।समापन सत्र में विशेषज्ञ डॉ. अनुप गिरधर ने गूगल क्लासरूम पर अपलोड किए गए सभी प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया। इनोवेशन, सिक्योरिटी फीचर्स और प्रेजेंटेशन के आधार पर बेस्ट 3 प्रोजेक्ट्स को पुरस्कृत किया गया।इस अवसर पर डॉ. अनुप ने छात्रों की मेहनत की सराहना की और कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्रों में काफी संभावनाएं हैं।प्रथम पुरस्कार टीम यासिर, अभिलाषा और तनु के प्रोजेक्ट को दिया गया। द्वितीय पुरस्कार प्रेरणा और प्राची को उनके बनाए गये प्रोजेक्ट के लिए दिया गया। तृतीय पुरस्कार इप्सिता और आंचल को उनके प्रोजेक्ट के लिए मिला। विजेताओं को कुलपति एवं अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संयोजन डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्रा ने किया। संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने बताया कि 90 से अधिक छात्रों ने इस कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूरा किया। कार्यक्रम में आईईईई के ब्रांच चेयर सृजन श्रीवास्तव, सचिव इप्सिता श्रीवास्तव, अदिति, शिवांगी, शिवांश, हिमानी, अर्चना, सागर, मयंक, आंचल, अमन और आदित्य आदि ने सहयोग किया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ।

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