किरतपुर । थाना क्षेत्र की मौजमपुर चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव कुतुबपुर निवासी दीपांशु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने किरतपुर थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया और पुलिस पर आरोपियों को बचाने तथा परिजनों पर फैसले (समझौते) का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 4 दिन पूर्व कुतुबपुर निवासी बिजेंदर ने थाने में नामजद तहरीर दी थी। आरोप था कि गांव के ही तीन दबंगों ने उनके बेटे दीपांशु के साथ मारपीट की और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाया। इसके बाद दीपांशु का शव रेलवे ट्रैक पर बरामद हुआ था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
धरने पर बैठे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की ढीली कार्रवाई के कारण तीनों आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित परिवार को सुरक्षा का अहसास कराने के बजाय पुलिस उन पर मामले को रफा-दफा करने और फैसला करने का दबाव बना रही है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बिजनौर के0के0 विश्नोई को भी अवगत कराया था, जहां से त्वरित कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन जमीन पर कोई कदम नहीं उठाया गया। पीड़ित परिवार ने साफ कहा कि जब तक उनके बेटे को न्याय नहीं मिलता और आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता, वे धरने से नहीं हटेंगे।
24 घंटे के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
थाने के बाहर भारी संख्या में ग्रामीणों के जुटने और हंगामे की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद सुनील कुमार तुरंत किरतपुर थाने पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों से सीधी वार्ता की। क्षेत्राधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि घटना की गहन जांच की जा रही है और अगले 24 घंटे के भीतर सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त किया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।