नोएडा, दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (डी.एम.ई.) लॉ स्कूल में शनिवार को पांचवें वार्षिक विधिक सम्मेलन ‘ज्यूरिसकनेक्ट’26 2.0’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश की प्रमुख लॉ फर्मों के विधि विशेषज्ञों और विधि के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बदलते दौर में कानून के क्षेत्र में आ रहे बदलावों और वकीलों की बढ़ती जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘बदलती दुनिया में कानून का विकास: कानूनी विशेषज्ञता से रणनीतिक नेतृत्व तक’ था।सम्मेलन में शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी, सिरिल अमरचंद मंगलदास, जे.एस.ए. एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स, लूथरा एंड लूथरा लॉ ऑफिसेज, खेतान एंड कंपनी, आनंद एंड आनंद, वैश एसोसिएट्स एडवोकेट्स और सैकृष्णा एंड एसोसिएट्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और डीएमई के महानिदेशक न्यायमूर्ति भंवर सिंह भी उपस्थित रहे।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/ उन्होंने अपने संबोधन में कानूनी पेशे में हो रहे बदलावों पर विचार साझा किए।सम्मेलन में आयोजित परिचर्चा का संचालन डी.एम.ई. लॉ स्कूल के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट ऑफ़िस की प्रमुख डॉ. गार्गी भट्ट ने किया। परिचर्चा में कानूनी क्षेत्र में ए.आई. के बढ़ते इस्तेमाल, पेशेवर नैतिकता, व्यावसायिक समझ और रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही नेतृत्व और संवाद कौशल तथा क्लाइंट की बदलती अपेक्षाओं पर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न लॉ फर्मों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिला। उन्होंने विशेषज्ञों से कानूनी क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, पेशे की व्यावहारिक चुनौतियों और एक सफल विधिवक्ता बनने के लिए जरूरी कौशलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।सम्मेलन का समापन इस चर्चा के साथ हुआ कि बदलते समय में वकीलों की भूमिका भी व्यापक हो रही है। अब कानून की जानकारी के साथ-साथ तकनीक की समझ, रणनीतिक सोच, नेतृत्व क्षमता और पेशेवर कौशल भी कानूनी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।