ग्राम पंचायतों में लंबित भुगतान को लेकर ग्राम प्रधानों ने किया प्रदर्शन

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सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों से जुड़े मजदूरों, मिस्त्रियों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के कथित लंबित भुगतान को लेकर राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले ग्राम प्रधानों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। संगठन की जिलाध्यक्ष गीता सिंह के नेतृत्व में प्रधानों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान कराने और ग्राम पंचायतों में वित्तीय कार्यों को सुचारु करने की मांग किया।प्रधानों का कहना है कि मनरेगा के तहत पूर्व में कराए गए कार्यों के मजदूरों और सामग्री का भुगतान करीब दो वर्षों से लंबित है। संगठन के मुताबिक, जिले के 10 ब्लॉकों में मजदूरों और मिस्त्रियों का करीब 56 करोड़ रुपए बकाया है, जबकि नगवां ब्लॉक में ही लगभग 6.43 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित बताया गया है। प्रधानों के अनुसार, लेबर भुगतान के लिए ब्लॉक स्तर से डोंगल भी लगा दिया गया है, लेकिन भुगतान ट्रेजरी स्तर पर अटका हुआ है।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/ ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायतों का निर्वाचित कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाया गया है। शासन के निर्णय के अनुसार 27 मई 2026 से प्रधानों को सामान्य एवं रूटीन पंचायत कार्यों के लिए प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन वित्तीय अधिकारों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रधानों ने बताया कि हैंडपंप, पेयजल समेत मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य भी वित्तीय प्रक्रिया के कारण बाधित हो रहे हैं। ज्ञापन में जी-रामजी योजना के कार्यों की जटिलता दूर करने तथा मजदूरों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान की प्रक्रिया अधिकतम एक सप्ताह में पूरी कराने की मांग की गई। प्रधानों ने जिलाधिकारी से ट्रेजरी स्तर पर लंबित भुगतान जारी कराने, भुगतान की स्थिति स्पष्ट कराने और प्रशासकों के वित्तीय अधिकारों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कराने की मांग की। इस मौके पर मंगला प्रसाद, बुल्लू, लीलावती, परमानंद, रज्जब अली, मो. अयूब, आरती देवी, सूर्य प्रताप सिंह, भुनेश्वर, सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।

 

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