गाजीपुर । भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जनपद गाजीपुर में ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा का शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर नव-साक्षरों ने उत्साह के साथ परीक्षा में प्रतिभाग किया।परीक्षा में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के उन शिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से बुनियादी पठन-पाठन एवं संख्यात्मक ज्ञान अर्जित किया है। परीक्षा केंद्रों पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में साक्षर बनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/परीक्षार्थियों ने दैनिक जीवन से जुड़े जोड़-घटाना, नाम लिखना, सरल वाक्य पढ़ना तथा डिजिटल साक्षरता से संबंधित प्रश्नों को हल किया। परीक्षा के दौरान उनके चेहरों पर आत्मविश्वास, संतोष और साक्षर बनने का गर्व साफ नजर आया।परीक्षा को पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जनपद स्तर से गठित सचल दलों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिला समन्वयकों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। परीक्षा की शुचिता और सुचारु संचालन के लिए केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा के सफल आयोजन पर सभी केंद्र व्यवस्थापकों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों, अनुदेशकों एवं नोडल प्रभारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘उल्लास’ कार्यक्रम केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को वित्तीय, डिजिटल और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन एवं मूल्यांकन किया जाएगा। सफल शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) एवं शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।