जौनपुर। युवाओं के सुनहरे भविष्य की रूपरेखा उकेरने और उनके सतरंगी सपनों को खुला आसमान देने के उद्देश्य से वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जौनपुर) के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (सीटीपीसी) की एक अहम बैठक शनिवार को इन्क्यूबेशन सेंटर में हुई। सीटीपीसी निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नई रणनीतियों पर गहरा मंथन किया गया। प्रो. कुमार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक चुनौतियों के सांचे में ढालना है। छात्र, शिक्षक और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, करियर काउंसलिंग और रोजगार के अवसर हर विद्यार्थी तक सुगमता से पहुंच सकें।
read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी सत्र में स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप, इंडस्ट्री इंटरैक्शन और मेगा जॉब फेयर को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। विद्यार्थियों और प्रकोष्ठ के बीच संवाद को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक संकाय में छात्र समन्वयकों की सक्रिय टीम का गठन किया जा रहा है। कॉर्पोरेट जगत की आधुनिक मांग को देखते हुए छात्रों की ओर से ‘लाइव इंटरव्यू ऐप्स’ के उपयोग का एक शानदार सुझाव भी सामने आया, जिसे कौशल विकास की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम माना गया।इस महत्वपूर्ण विचार-विमर्श में डॉ. सुनील कुमार, सुशील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. दीप प्रकाश, डॉ. प्रेम चंद यादव, डॉ. कृष्ण यादव, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉ. अंजनेय मिश्रा, डॉ. अश्मय दुबे, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. साक्षी सिंह, डॉ. निधि पांडेय, डॉ. अवधेश और मिथिलेश चौरसिया सहित विभिन्न संकायों के छात्र-समन्वयकों ने अपने विचार व्यक्त किए।