बागवानी एवं सिंचाई योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश

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गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को रायफल क्लब सभागार में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की वार्षिक कार्ययोजना को लेकर जिलास्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक में योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए।जिला उद्यान अधिकारी ने समिति के समक्ष पिछले वित्तीय वर्ष में कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने के साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए प्राप्त लक्ष्यों और कार्ययोजना की जानकारी दी। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत नवीन उद्यान रोपण के लिए 48 हेक्टेयर, शाकभाजी क्षेत्र विस्तार के लिए 15 हेक्टेयर, पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए नौ हेक्टेयर तथा प्याज एवं लहसुन के मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 150 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 100 बॉक्स मौनपालन, 2000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 70 इको लाइट ट्रैप तथा 15 हेक्टेयर मचान कार्यक्रम का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत 14 हेक्टेयर फल क्षेत्र विस्तार, 60 हेक्टेयर शाकभाजी क्षेत्र विस्तार, 20 हेक्टेयर प्याज क्षेत्र विस्तार, 21 हेक्टेयर पुष्प क्षेत्र विस्तार तथा पांच हेक्टेयर मचान कार्यक्रम का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 4000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 150 बॉक्स मौनपालन, पांच एचडीपीई वर्मी बेड और पांच इको लाइट ट्रैप का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन योजनाओं का लाभ प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा।बैठक में स्पष्ट किया गया कि दोनों योजनाओं में लाभार्थियों की पुनरावृत्ति नहीं की जाएगी।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
औद्यानिक योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पीडीएमसी योजना से भी लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का लाभ अधिकतम चार विकासखंडों—मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, रेवतीपुर और सदर में दिया जाएगा, जबकि शेष विकासखंडों में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत लाभ पहुंचाया जाएगा।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिंचाई के लिए 602 हेक्टेयर, मिनी स्प्रिंकलर के लिए 192 हेक्टेयर, माइक्रो स्प्रिंकलर के लिए 80 हेक्टेयर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर के लिए 704 हेक्टेयर तथा रेनगन स्प्रिंकलर के लिए 185 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा निदेशालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने पर जोर दिया।बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी अंगद प्रसाद सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य महेश सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य और प्रगतिशील कृषक अनूप राय, विजयानंद राय एवं वीरेंद्र कुमार राय मौजूद रहे।

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