भदोही। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, करेत्तर राजस्व एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक सोमवार को डीएम शैलेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप लक्ष्यों की शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध पूर्ति के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने कहा कि जनहित के कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम व तहसीलदारों को पांच वर्ष से अधिक लंबित राजस्व वादों का शत-प्रतिशत निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए। धारा-24, 34, 38 व 67 के वादों का अभियान चलाकर निस्तारण करने और न्यायालय आपके द्वार के तहत अधिक लंबित वाले गांवों में स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/वहीं तहसीलदारों को अमीनवार साप्ताहिक समीक्षा और बड़े बकायेदारों से प्रभावी वसूली के निर्देश। स्टांप व आबकारी में वसूली न होने पर प्रगति बढ़ाने की हिदायत दी। साथ ही स्वामित्व योजना, पीएम स्वनिधि, खतौनी अंश निर्धारण, नामांतरण, आईजीआरएस सहित सी व डी श्रेणी के संकेतकों को ए श्रेणी में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। डीएम ने अपेक्षित प्रगति न मिलने पर डूडा व नगर निकायों के ईओ को फटकार लगाई। नगरों में विशेष कैंप लगाकर लंबित प्रकरण पूरे करने के निर्देश दिए। 21 सितंबर तक शत-प्रतिशत वरासत दर्ज करने के निर्देश दिए। प्रतिदिन लेखपालवार समीक्षा रिपोर्ट देने को कहा। पात्र आवेदन निरस्त न करने की हिदायत दी। नायब तहसीलदार ज्ञानपुर भागीरथी द्वारा अधिकतम मुकदमों के निस्तारण पर डीएम ने सराहना की।
इस मौके पर एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, एडीएम न्यायिक विजय नारायण सिंह, सभी एसडीएम, तहसीलदार व ईओ सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।