अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के निमित्त अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस वर्ष अभाविप का घोषणापत्र ‘अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम’ के चार व्यापक आधारों पर केंद्रित है, जिसमें सुरक्षित एवं सुलभ विद्यार्थी आवास, महिला सुरक्षा, विश्वविद्यालय की निर्णय प्रक्रिया में विद्यार्थियों की प्रभावी भागीदारी, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था तथा रोजगार के अवसरों को प्रमुखता दी गई है। अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर ईशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छाबड़ी एवं संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह अभाविप के प्रत्याशी हैं। अभाविप के पूरे पैनल का मतदान क्रमांक 7-3-3-3 है और प्रत्याशी विद्यार्थियों के बीच लगातार संपर्क एवं संवाद कर रहे हैं।अभाविप कार्यकर्ता विभिन्न महाविद्यालयों, पीजी एवं छात्रावासों में विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझ रहे हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित विद्यार्थी आवास के मुद्दे को अभाविप ने लगातार उठाया है। नए छात्रावासों का निर्माण, छात्राओं के लिए पर्याप्त छात्रावास, छात्र आवास प्रकोष्ठ एवं हेल्पलाइन, पीजी एवं छात्रावासों की सुरक्षा जांच, अग्नि-सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन तथा स्वच्छता, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना अभाविप की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। महिला सुरक्षा एवं विद्यार्थी कल्याण के क्षेत्र में पिंक बूथ, सुरक्षा गश्त, महिला सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, सैनिटरी नैपकिन मशीनें, स्त्री-रोग विशेषज्ञ और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ आंतरिक शिकायत समिति, शिकायत निवारण व्यवस्था, विधिक सहायता, ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम परिसर एवं सहायक तकनीक, पूर्वोत्तर विद्यार्थियों के लिए सहायता तथा मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और सचेतनता केंद्र जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। शैक्षणिक व्यवस्था में समयबद्ध एवं पारदर्शी परीक्षा परिणाम, पूरक परीक्षाएं, उत्तर पुस्तिकाएं देखने की सुविधा, आंतरिक मूल्यांकन में पारदर्शिता, विद्यार्थी-अनुकूल परीक्षा व्यवस्था और समय पर डिग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों के भविष्य को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेले, उद्योगों एवं शोध संस्थानों से संपर्क, प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल कौशल आधारित अवसर तथा नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम विद्यार्थियों की जरूरतों और आकांक्षाओं से जुड़े हमारे काम की दिशा है: यश डबास
अभाविप पैनल से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी यश डबास ने कहा, “घोषणापत्र का अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास और प-परिणाम विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जरूरतों और उनकी आकांक्षाओं से जुड़े हमारे काम की दिशा को स्पष्ट करता है। जहाँ एक ओर बाकी संगठन आपसी मतभेदों और आंतरिक खींचतान में उलझे हुए हैं, वहीं अभाविप के प्रत्याशी एकजुट होकर विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर उनके बीच पहुंच रहे हैं। सुरक्षित आवास से लेकर महिला सुरक्षा, विश्वविद्यालय की निर्णय प्रक्रिया में विद्यार्थियों की भागीदारी, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और रोजगार के अवसरों तक, हमारा प्रयास हर उस विषय पर काम करने का है जो विद्यार्थी के वर्तमान और भविष्य से जुड़ा है। सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित विद्यार्थी आवास के लिए अभाविप ने लगातार आवाज उठाई है और आगे भी इस दिशा में मजबूती से काम करेगी। विद्यार्थियों के विश्वास और समर्थन के साथ इस बार अभाविप के पूरे पैनल को 7-3-3-3 पर मतदान कर डूसू में 4-0 की जीत दिलाएं।”
विद्यार्थियों की भागीदारी से ही विश्वविद्यालय का विकास अधिक प्रभावी होगा: ईशू मौर्य
उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी ईशू मौर्य ने कहा, “विश्वविद्यालय से जुड़े निर्णयों में विद्यार्थियों की आवाज को उचित स्थान मिलना जरूरी है। अभाविप विद्यार्थियों के प्रभावी प्रतिनिधित्व के साथ दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम परिसर, समान अवसर और शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बेहतर भागीदारी के लिए काम करेगी। हमारा प्रयास रहेगा कि विद्यार्थियों की समस्याएं सुनी जाएं और उनके समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बने।”
हर छात्रा को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देना हमारी प्राथमिकता है: रिया छाबड़ी
सचिव पद की प्रत्याशी रिया छाबड़ी ने कहा, “महिला सुरक्षा एक सुरक्षित विश्वविद्यालय की बुनियादी आवश्यकता है। छात्राओं के लिए बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा गश्त, पिंक बूथ, कॉमन रूम और सैनिटरी नैपकिन जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में स्त्री-रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही शिकायतों के समाधान की प्रभावी व्यवस्था हो, ताकि हर छात्रा बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर ध्यान दे सके।”
विद्यार्थी की मेहनत का परिणाम समय पर मिले और भविष्य के अवसर बढ़ें: लक्ष्य राज सिंह
संयुक्त सचिव पद के प्रत्याशी लक्ष्य राज सिंह ने कहा, “विद्यार्थियों को ऐसी शैक्षणिक व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिसमें उनकी मेहनत का परिणाम समय पर मिले और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध हों। समयबद्ध परिणाम और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के साथ रोजगार, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, डिजिटल कौशल और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना हमारी प्राथमिकता रहेगी। हमारा प्रयास विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अनुभव के साथ मजबूत भविष्य की दिशा देना है।”
सकारात्मक अभियान के साथ अभाविप विद्यार्थियों के बीच, डूसू में करेंगे क्लीन स्वीप: सार्थक शर्मा
अभाविप दिल्ली प्रांत के प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने कहा, “अभाविप पूरी सकारात्मकता के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच पहुंच रही है और उनके मुद्दों पर संवाद कर रही है। हमारा अभियान विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और डीयू को बेहतर बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। जिस तरह से विद्यार्थियों का समर्थन और उत्साह अभाविप के प्रति देखने को मिल रहा है, उससे स्पष्ट है कि इस बार परिणाम हमारे पक्ष में होंगे। हमें पूरा विश्वास है कि डूसू चुनाव में अभाविप क्लीन स्वीप करेगी।”