बहराइच l बच्चों के नन्हे हाथों से रोपा गया एक पौधा आने वाले कल में स्वस्थ, हरित और सुपोषित समाज की नींव बनेगा। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए आगा खान फाउंडेशन के ‘सफल शुरुआत’ कार्यक्रम और सेंटर फॉर फ्रूटफुल इंडिया (सीएफआई) के संयुक्त तत्वावधान में जिले में सघन फलदार पौधारोपण अभियान चलाया गया।शिक्षा विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से रिसिया और चित्तौरा विकासखंड के 10 प्राथमिक विद्यालयों तथा 10 आंगनबाड़ी केंद्रों में 800 से अधिक फलदार व पोषक पौधे रोपे गए।
आंवला, सहजन और अमरूद से मिलेगा पोषण-अभियान के दौरान बच्चों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और ग्रामीणों ने मिलकर आंवला, जामुन, सहजन (मोरिंगा), अमरूद और नींबू की पांच प्रमुख प्रजातियों के पौधे लगाए। विशेषज्ञों के अनुसार, ये पौधे बड़े होकर स्थानीय स्तर पर ताजे व पोषणयुक्त फलों का प्राकृतिक स्रोत बनेंगे, जिससे बच्चों के दैनिक आहार में विविधता और पोषण की मात्रा बढ़ेगी।
प्रकृति से जुड़ाव और संरक्षण की सीख-
आगा खान फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर – हेल्थ एवं न्यूट्रिशन अशोक कुमार सिंह ने बताया कि ‘एक पौधा आज, स्वस्थ बचपन और हरित भविष्य कल’ के संदेश के साथ इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इन पौधों के संरक्षण व देखभाल का संकल्प लिया, ताकि भविष्य में ये वृक्ष बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन का आधार बन सकें।इस अवसर पर मोहित, लवी, प्रमोद सिंह, प्रधानाध्यापिका प्रेम लता पाल तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूनम देवी एवं रीना देवी सहित विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।