उन्नाव। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के कटरी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। बांगरमऊ, फतेहपुर चौरासी, सफीपुर, परियर, उन्नाव सदर और बीघापुर क्षेत्र के कटरी गांवों में पानी घुसने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्लागंज के कई मोहल्ले भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।बाढ़ नियंत्रण केंद्र कानपुर के अनुसार गुरुवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 112.80 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी बिंदु 112 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 113 मीटर है। ऐसे में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 80 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे है। हरिद्वार बैराज से 69,089 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,10,176 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/
शुक्लागंज के कई मोहल्ले बाढ़ की चपेट में
कानपुर से सटे शुक्लागंज के श्रीनगर, चंपापुरवा, हुसैन नगर, गोताखोर कॉलोनी, सैयद कंपाउंड, तेजीपुरवा, कर्बला और मालवीय नगर समेत कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। मालवीय नगर समेत प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का संचालन किया जा रहा है।
बिजली गुल, अंधेरे में रहने को मजबूर लोग
भातू फार्म, रविदास नगर, शक्तिनगर, द्विवेदी नगर और मनोहर नगर में भी पानी बढ़ने के कारण नावें चल रही हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ कई प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। इससे लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी शिव कुमार ने बताया कि बिजली न आने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
प्रशासन अलर्ट, राहत शिविर संचालित
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में नावों की व्यवस्था की गई है और राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें जलस्तर और प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हरिद्वार और नरौरा बैराज से छोड़े गए पानी के पहुंचने के बाद स्थिति और गंभीर होने की आशंका के चलते ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।