भदोही। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत रविवार को ज्ञानपुर स्थित एक लॉन में रसोइयों के सम्मान एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण को लेकर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का मूल संदेश स्वस्थ बच्चे, खिलता बचपन-सही पोषण से प्रदेश रोशन रहा।इस दौरान डीएम शैलेश कुमार ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उचित पोषण भी आवश्यक है। पीएम पोषण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। किसी भी योजना की सफलता उसके जमीनी क्रियान्वयन से तय होती है, जिसमें रसोइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भोजन तैयार करने से लेकर परोसने तक स्वच्छता के मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। भोजन की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखी जाए, बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पीएम पोषण योजना केवल भोजन देने की योजना नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, उपस्थिति और सीखने की क्षमता को मजबूत करने की पहल है।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/रसोइयों का श्रम सराहनीय है। स्वस्थ बच्चे ही सशक्त समाज का निर्माण करते हैं। विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल पुस्तकीय शिक्षा से संभव नहीं है। स्वस्थ बच्चा ही पूरी ऊर्जा से पढ़ाई कर सकेगा। रसोइयों का योगदान प्रत्यक्ष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य और अप्रत्यक्ष रूप से उनके भविष्य को प्रभावित करता है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्र ने कहा कि रसोइयों को सम्मानित करना सराहनीय पहल है। सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ पात्र तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रसोइयों का मानदेय 2000 से बढ़ाकर 3000 रुपए किया जाना, 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज, यूनिफॉर्म के लिए 500 और ग्लव्स के लिए 400 रुपए की सहायता देना उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे रसोइयों के मनोबल में वृद्धि होगी। समारोह के अंत में पात्र रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि संजय बिंद, विधायक औराई प्रतिनिधि के साथ ही साथ डीआईओएस अंशुमान, बीएसए शिवम पांडेय, बीईओ ज्ञानपुर रमाकांत सिहरौर व बीईओ डीघ मनोज सिंह सहित संबंधित विभाग के अधिकारी व बड़ी संख्या में रसोइया मौजूद रहीं।