नगीना । चीनी के दामों में लगातार हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण रक्षा बंधन व दीवाली के त्योहारों की मिठास फीकी होना तय है।पिछले 15 दिनों में चीनी के थोक के भाव में बेतहाशा वृद्धि हो गई है।जबकि फुटकर रेट पिछले ढाई महीने में 17 रूपये किलो बढ़ गए हैं।चीनी के दामों में लगी आग ने महिलाओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। मिठाई के रेट भी 340 से 450 रूपये किलो तक पहुंच गए हैं।बाजार में दुकानों पर फुटकर चीनी 62 रूपये किलो बिक रही है।जबकि गली मोहल्लों की दुकानों पर 65 से 68 रूपये किलो तक चीनी बिक रही है।फुटकर बाजार में चीनी का रेट 4 जून को 45 रूपये किलो,5 जुलाई को 48 रूपये किलो व 28 जुलाई को 50 रूपये किलो था।अब अचानक 62 से 65 रूपये किलो तक हो गया है।पिछले ढाई महीने में चीनी के फुटकर दाम 17 रूपये किलो तक बढ़ गए हैं।नगीना में चीनी के सबसे बड़े थोक विक्रेता(मंडी मौलगंज) अमित जैन उर्फ विक्की जैन ने बताया कि आज चीनी का बाजार में थोक का रेट 5930 से 5940 रूपये कुंटल है। पिछले हफ्ते 5300 रूपये कुंटल था।उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों में चीनी के थोक रेट में 1000 रुपए कुंटल तक की वृद्धि हो गई है।नगीना में चीनी की अधिकांश सप्लाई द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्री लिमिटेड बुन्दकी की है।बुन्दकी शुगर मिल के यूनिट हेड सलिल आर्य से उनकी अस्वस्थता के कारण बात नहीं हो पाई।द्वारिकेश शुगर मिल बुंदकी अपने परिसर के स्टोर से भी चीनी के 5 किलो के पोलीबैग की बिक्री करता है।लेकिन फिलहाल में उपलब्ध नहीं है।मिल में 5 किलो चीनी का पैक 280 रूपये में किसानों व आम जनता के लिए उपलब्ध होता है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
चीनी व गैस के दामों में भारी वृद्धि के कारण मिठाई भी हुई महंगी
रक्षा बंधन से पूर्व चीनी के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण फेस्टिव सीजन में मिठाइयों के दाम भी और अधिक बढ़ना तय है।मुंसिफी के सामने स्थित सम्राट स्वीट्स के मालिक विशाल गुप्ता उर्फ मोनू गुप्ता का कहना है कि चीनी के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण मिठाई के दाम तो बढ़ ही रहे हैं।लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर भी 1900 से एकदम 3000 रूपये का हो जाने के कारण भी मिठाइयों की लागत में वृद्धि करनी पड़ी है। मोनू गुप्ता ने बताया कि उनके सम्राट स्वीट्स पर सफेद स्पंजी रसगुल्ला 340 रूपये किलो, कॉमन मिठाई व पिस्ता बर्फी 400 रूपये किलो, घेवर 380 रूपये किलो व काजू कतली 900 रूपये किलो है।जबकि हाई वे की अन्य स्वीट्स शॉप पर रेट 50 से 100 किलो तक तक अधिक हैं। गली मोहल्लों की दुकानों में सफेद स्पंजी रसगुल्ले बाहर से बने बनाए आते हैं और उनके रेट कम हैं।लेकिन उनकी क्वालिटी पर हमेशा सवाल खड़े होते हैं।
ई 20 इथेनॉल व गन्ने की कम पैदावार की वजह से हुई चीनी के दामों में वृद्धि
चीनी के दामों में हो रही बेतहाशा वृद्धि के लिए ई 20 इथेनॉल में गन्ने के रस के उपयोग व इस सीजन में गन्ने की कम पैदावार को वजह बताया जा रहा है।थोक विक्रेता अमित जैन उर्फ विक्की जैन का कहना है कि आगामी सीजन तक तीन माह के लिए 67 लाख टन चीनी के स्टॉक के सापेक्ष 22.5 लाख टन का स्टॉक उपलब्ध है। बताया जा रहा है कि इस बार गन्ने की पैदावार कम होने के कारण चीनी मिले समय से पहले ही बंद हो गई और चीनी का उत्पादन भी घट गया है।चीनी के थोक व्यापारी सुशील अग्रवाल (विकाश ट्रेडर्स) का कहना है कि कांवड़ यात्रा की वजह से ट्रांसपोर्ट लाइन बाधित है।जिसके कारण चीनी मिलों से चीनी के ट्रक बाजार में नहीं आ पा रहे हैं।सप्लाई कम होने से भी चीनी के दामों में उछाल आ रहा है।