बाराबंकी। जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। समाज कल्याण विभाग बाराबंकी की ओर से मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित केंद्र राजकीय जिला पुस्तकालय, बाराबंकी में विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस विद्यांशु शेखर झा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद करते हुए यूपीएससी और यूपीपीएससी की तैयारी की रणनीति, प्रश्नपत्र को समझने का तरीका और प्रभावी अध्ययन पद्धति साझा की। सत्र के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने विद्यार्थियों को अपने स्वयं के बनाए नोट्स भी दिखाए और पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्नों के माध्यम से परीक्षा की तैयारी करने के तरीके समझाए। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल अधिक से अधिक सामग्री जुटाने के बजाय सीमित और उपयोगी अध्ययन सामग्री को बार-बार पढ़ने पर जोर दिया। आईएएस विद्यांशु शेखर झा ने छात्रों को सलाह दी कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री की संख्या बढ़ाना सफलता की गारंटी नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को सीमित और विश्वसनीय स्रोतों को बार-बार पढ़कर उन पर मजबूत पकड़ बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ‘सौ रिसोर्स मत पढ़ो, बल्कि कुछ रिसोर्सेस को सौ बार पढ़ो।’ उनका कहना था कि तैयारी में निरंतरता और विषयों की गहराई से समझ अधिक महत्वपूर्ण है।read more:https://pahaltoday.com/weavers-to-be-empowered-by-modern-technology-handloom-industry-in-nandganj-gains-new-momentum/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने छात्रों को न्च्ैब् और न्च्च्ैब् की तैयारी में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्नों को अधिक से अधिक हल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि पुराने प्रश्नपत्रों से विद्यार्थियों को परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों की प्रकृति और विषयों की प्राथमिकता समझने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रेजेंटेशन यानी पीपीटी के माध्यम से प्रश्नपत्र की बारीकियों को भी विद्यार्थियों के सामने रखा और प्रश्नों को समझने तथा उन्हें हल करने की रणनीति साझा की। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान आईएएस विद्यांशु शेखर झा ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल दिखावे, प्रतिष्ठा या ‘भौकाल’ के लिए सिविल सर्विसेज की तैयारी न करें। उन्होंने समझाया कि प्रशासनिक सेवाएं चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों वाली नौकरी हैं और इनमें सेवा भाव के साथ काम करना जरूरी है। उनके मुताबिक, यदि कोई विद्यार्थी वास्तव में समाज और लोगों की सेवा करना चाहता है, तभी उसे इस दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह द्वारा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विद्यांशु शेखर झा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण (विकास) अधिकारी श्रीमती अभिलाषा त्रिपाठी, कोर्स कोऑर्डिनेटर पीयूष श्रीवास्तव, पुष्पेंद्र सिंह यादव और प्रकाशनी मौजूद रहे। कोर्स कोऑर्डिनेटर पीयूष श्रीवास्तव ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका छात्रों के बीच आकर परीक्षा उपयोगी सामग्री और रणनीति साझा करना विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी और प्रेरणादायक रहा।