बाराबंकी। श्रवण मास की शुरूआत होते ही भोर की पहली किरणों के साथ ही पूरा लोधेश्वर धाम “बम बम भोले” की दिव्य गूंज से भर उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वर्ग से आ रही घंटियों की आवाज़ पृथ्वी पर महादेव की उपस्थिति की घोषणा कर रही हो। श्रद्धालु, कांवरिए और सनातन प्रेमी शिवभक्तों का सैलाब मानो एकजुट हो गया हो महादेव के श्रीचरणों में गंगा जल अर्पण के लिए। रामनगर तहसील के इस पांडवकालीन मंदिर की महिमा सिर्फ किवदंतियों में नहीं, जनमानस की आस्था में बसी है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, पांडवों ने वनवास काल में यहीं भगवान शिव की आराधना की थी, और तभी से यह स्थल तप, त्याग, और सत्य की शक्ति का प्रतीक बना हुआ है। गुरुवार को मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। सुबह से ही बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, सीतापुर और लखनऊ समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में शिवभक्त धाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। सावन के पहले सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-by-the-food-safety-department-sauce-factory-raided-550-kg-of-stock-destroyed/ मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों और जोन में विभाजित किया गया है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए पुलिस, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, सफाईकर्मी और आपदा राहत टीमों की तैनाती की गई है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और ड्रोन की मदद ली जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, सुचारु यातायात, पेयजल, चिकित्सा सहायता और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। लोधेश्वर महादेव धाम के अलावा हैदरगढ़ स्थित अवसानेश्वर महादेव मंदिर और सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। प्रशासन का कहना है कि पूरे सावन माह में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि सभी भक्त सुरक्षित और सुगमता से दर्शन-पूजन कर सकें।