दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष (डीन) द्वारा 28 जुलाई को जारी ज्ञापन को अपमानजनक बताया और कड़े शब्दों में निंदा की। इस ज्ञापन में जिसमें 34 शिक्षकों को लिखित स्पष्टीकरण जमा करने का निर्देश दिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। डूटा ने इसे शिक्षकों की गरिमा पर सीधा हमला बताते हुए इस ज्ञापन को तुरंत बिना किसी शर्त के वापस लेने की मांग की।इस संदर्भ चिंता व्यक्त करते हुए डूटा अध्यक्ष प्रो. वी. एस. नेगी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि गुरु पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर, जब पूरा देश अपने शिक्षकों का सम्मान और अभिनंदन कर रहे हैं दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपमानजनक ज्ञापन के माध्यम से अपने ही शिक्षकों को प्रताड़ित और अपमानित करने का काम किया। इस तरह के कदम से शिक्षकों के मनोबल को ठेस पहुंचा है और यह प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए दुःखद है।read more:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/डूटा पदाधिकारियों ने इस संदर्भ में डीन से मुलाकात कर दुर्भाग्यपूर्ण ज्ञापन को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया। हालांकि विश्विद्यालय प्रशासन के तरफ से अभी कोई आश्वासन नहीं मिला है।प्रशासन के इस अड़ियल रवैये के विरोध में डूटा ने फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी में धरना दिया जहाँ शिक्षण समुदाय की गरिमा स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक एकजुट होकर अपना विरोध जताया। इस मौके पर डूटा की पदाधिकारी डॉ आकांक्षा खुराना के सैकड़ों शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित थे।डीयूटीए ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ज्ञापन को बिना शर्त वापस नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से दबावकारी उपाय बंद करने और शिक्षकों की गरिमा को बनाए रखने का आह्वान किया है।