दलित साहित्य एवं सामाजिक न्याय पर शोध को मिली नई पहचान, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी पीएचडी की उपाधि

Share
गाज़ीपुर/शादियाबाद। जनपद गाज़ीपुर के शादियाबाद क्षेत्र अंतर्गत बैरमपुर गांव निवासी डॉ. संतोष कुमार गौतम ने अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर अपने गांव, क्षेत्र और जनपद का गौरव बढ़ाया है। उन्हें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के 48वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।डॉ. संतोष कुमार गौतम का शोधकार्य अंग्रेजी साहित्य में दलित कविता और सामाजिक न्याय की वैचारिक परंपरा पर आधारित है। उनके शोध को अकादमिक और साहित्यिक जगत में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखा जा रहा है। शोध के दौरान प्रकाशित उनके विभिन्न शोध-पत्रों में महापुरुषों के विचार, संघर्ष, सामाजिक परिवर्तन और मानवता के मूल्यों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।read more:https://khabarentertainment.in/cunning-man-arrested-for-pressuring-woman-into-marriage-through-blackmail/उनके अध्ययन में दलित विमर्श, समता, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को नई वैचारिक दृष्टि प्रदान करने का प्रयास किया गया है।इस शोधकार्य का निर्देशन डॉ. नवरत्न सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ने किया। दलित साहित्य और दलित काव्य-विमर्श के प्रतिष्ठित विद्वान डॉ. सिंह के कुशल मार्गदर्शन में डॉ. गौतम ने यह उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की।डॉ. संतोष कुमार गौतम की इस सफलता पर क्षेत्र के शिक्षकों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों एवं ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। लोगों ने इसे केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। उनका मानना है कि डॉ. गौतम की यह उपलब्धि युवा पीढ़ी को उच्च शिक्षा, शोध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े साहित्य के अध्ययन के लिए प्रेरित करेगी।डॉ. गौतम की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और गुणवत्तापूर्ण शोध के माध्यम से ग्रामीण परिवेश से भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट पहचान बनाई जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *