उत्तराखण्ड राज्य में कुछ गोवंशीय पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज के लक्षण पाये गये है। लम्पी स्किन डिजीज एक विषाणुजनित रोग है जो अधिकांश गोवंशीय पशुओं में पाया जाता है। इस रोग से प्रभावित गोवंश में तेज बुखार, आंख व नाक से पानी गिरना, पैरो में सूजन, पूरे शरीर मे कठोर एवं चपटी गांठ आदि प्रकार के लक्षण पाये जाते हैं। कभी-कभी सम्पूर्ण शरीर की चमड़ी विशेष रूप से सिर, गर्दन, थूथन, थनों, गुदा व अण्डकोष या योनिमुख के बीच के भाग पर गांठो के उभार बन जाते है। गम्भीर रूप से प्रभावित गोवंश में नैक्रोटिक घाव, श्वसन पथ में घाव होने से सांस लेने में कठिनाई हाती है।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/……………. पशु का वजन घट जाता है, शरीर कमजोर हो जाता है एवं अत्याधिक कमजोरी से पशु की मृत्यु भी हो सकती है। गाभिन पशुओं में गर्भपात हो सकता है, दुधारू गोवंश में दुग्ध उत्पादन काफी कम हो जाता है।जनपद को लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम हेतु प्राप्त वैक्सीन 48000 के सापेक्ष 48000 गोवंशीय पशुओं में टीकाकरण करा दिया गया है। सभी पशुपालको से अपील की जाती है कि गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य एवं समीपवर्ती जनपदों से गोवंशीय पशु का कय ना करें तथा गोवंशीय पशुओं में उक्त बीमारी से सम्बन्धित लक्षण प्रकट होने पर निकटतम पशुचिकित्साधिकारी अथवा जनपद के 0122-2980035/9454449856 पर सूचित करें। ICCC कन्ट्रोल रुम न०