लखनऊ। राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है। वन महोत्सव हमको इसका अवसर प्रदान करता है। सरकार अपने स्तर से अभियान चला रही है। इसमें जन जागरूकता और जन भागीदारी अपरिहार्य है। भारत में आदि काल से प्रकृति संरक्षण का विचार रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उससे प्रेरणा लेते है। उनका मानना है कि अतीत से जुड़ना वर्तमान समाज के लिए आवश्यक है।read more:https://khabarentertainment.in/ghosiya-nagar-panchayats-entire-system-collapsed-during-just-five-minutes-of-rain/यूपी की पहचान ‘हरित प्रदेश’ के रूप में भी बन रही है। नौ वर्ष में यहां दो सौ बयालीस करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए। उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन भी ढाई सौ वर्ग किमी.बढ़ा है। त्रेता युग की वाटिका व उपवन भी वर्तमान पीढ़ी में पर्यावरण चेतना का संचार करेंगी। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में अयोध्या से चित्रकूट तक राम वन गमन मार्ग में मिलने वाली अट्ठासी वृक्ष प्रजातियों एवं वनों एवं वृक्षों के समूह का उल्लेख है। योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण के भारतीय चिंतन को महत्व दिया। रामवन गमन मार्ग पर त्रेता युग कालीन वाटिकाओं की स्थापना का सपना साकार हो रहा है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में अयोध्या से चित्रकूट तक राम वन गमन मार्ग में मिलने वाली अट्ठासी वृक्ष प्रजातियों एवं वनों एवं वृक्षों के समूह का उल्लेख है। 2026 वृक्षारोपण महाभियान के अंतर्गत चालीस करोड़ से अधिक पौधे रोपे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। बारह जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में एक ही दिन में पैंतीस करोड़ पौधे लगाने का कीर्तिमान ऐतिहासिक है। पांच जून पर्यावरण दिवस को पांच करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारों पर पांच सौ हेक्टेयर क्षेत्र में साढ़े पांच लाख पौधे लगाए जाएंगे। नए विशिष्ट वन भी विकसित हो रहे हैं।इस बार अभियान के तहत समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कृषि वन जैसे नए विशिष्ट वन विकसित होंगे। मिशन छाया के तहत सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर छायादार पौधे लगाए जाएंगे। अविरल धारा पौधरोपण,सहजन भंडारा और आम भंडारा भी अभियान का हिस्सा हैं। पांडे अगस्त को वंदे मातरम् वाटिका, रक्षाबंधन पर भाई बहन पौधरोपण और शिक्षक दिवस पर एक पेड़ गुरु के नाम कार्यक्रम भी होंगे।