बिजनौर। जनपद में पिछले कई घंटों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में जारी वर्षा के चलते मालन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी किनारे स्थित तटबंधों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। विभागीय टीमें मौके पर पहुंचकर लगातार निगरानी कर रही हैं।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहाड़ों से लगातार पानी आने के कारण मालन नदी का जलस्तर आगामी घंटों में और बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभागीय कर्मचारी संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर दिए गए हैं और तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।उधर, गंगा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बुधवार को गंगा में लगभग 26 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था, जो गुरुवार तक बढ़कर 79 हजार क्यूसेक पहुंच गया। महज 24 घंटे में जलप्रवाह लगभग तीन गुना बढ़ने से प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।सिंचाई विभाग के अधिकारी पंकज जैन ने यूसुफपुर-बाखरपुर तटबंध का निरीक्षण कर उसकी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एहतियातन हाई अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग की टीमें हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।गौरतलब है कि पिछले वर्ष मालन नदी का तटबंध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इतना ही नहीं, मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई दिनों तक बंद रहा था और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही पूरी सतर्कता बरत रहा है। सिंचाई विभाग ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाएं, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।