हाईकोर्ट का आदेश, निराश्रितों के लिए चला रेस्क्यू अभियान

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बाराबंकी। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ के आदेशों के क्रम में आज राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर निराश्रित व्यक्तियों की खोज और पुनर्वास के लिए एक बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष टीम को इस अभियान के दौरान सड़कों या स्टेशनों पर कोई भी महिला, बच्चा या वयस्क निराश्रित अवस्था में नहीं मिला। उक्त कार्रवाई ज्योति राजपूत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य (पीआईएल संख्या-571/2024) मामले में हाईकोर्ट नें बीती 22 जनवरी को पारित आदेश के अनुपालन में की गई। इस आदेश के तहत जिलाधिकारी के अनुमोदन पर बीते 24 जून 2026 को एक जिला स्तरीय चिन्हांकन समिति का गठन किया गया था।read more:https://pahaltoday.com/mission-shakti-team-made-women-and-girls-aware-2/ शनिवार को शहर के सभी मुख्य बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास सघन रेस्क्यू अभियान चला। इस अभियान का उद्देश्य खुले में जीवन यापन कर रहे बेसहारा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को चिन्हित कर उन्हें सरकारी आश्रय गृहों तक पहुंचाना था। हालांकि, जांच के दौरान कोई भी व्यक्ति निराश्रित हालत में नहीं पाया गया। इस संयुक्त रेस्क्यू टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के प्रभारी, महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी, दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग के वरिष्ठ सहायक और समाज कल्याण विभाग के कनिष्ठ सहायक सहित जिला स्तरीय समिति के तमाम सदस्य मौजूद रहे। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सामाजिक सरोकार के इस कार्य में सहयोग करें। यदि किसी भी नागरिक को शहर में कहीं भी कोई महिला, बच्चा या वयस्क बेसहारा और निराश्रित अवस्था में दिखाई देता है, तो वे तुरंत सरकार के टोल-फ्री नंबरों पर सूचना दे सकते हैं।

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