भदोही। ज्ञानपुर के पूर्व विधायक और चिन्हित माफिया विजय मिश्र की बहू रूपा मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट ने रिश्तेदार की संपत्ति और फर्म हड़पने के मामले में चार वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने 22 जून को सनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। इसी मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्र को दस-दस वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है। सजा मिलने के बाद से पूरा परिवार जेल में है। यह मामला वर्ष 2020 में गोपीगंज थाने में दर्ज किया गया था, जब कौलापुर निवासी कृष्णमोहन तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में विजय मिश्र और विष्णु मिश्र नामजद थे, जबकि विवेचना के दौरान रामलली मिश्रा और रूपा मिश्रा के नाम भी शामिल किए गए। कभी पूर्वांचल में अपने बाहुबल और रसूख के लिए चर्चा में रहने वाले विजय मिश्र पर अस्सी से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन द्वारा उनकी एक अरब रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है और उनके खिलाफ चिन्हित माफिया के रूप में कार्रवाई जारी है।read more:https://pahaltoday.com/us-iran-ceasefire-a-positive-step/
विजय मिश्र पिछले लगभग छह साल से आगरा सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनके बेटे विष्णु मिश्र भी गंभीर मामलों में तीन साल से जेल में हैं। लगभग एक माह पूर्व विजय मिश्र की बहू और पत्नी को भी इसी मामले में सजा सुनाई गई थी। विजय मिश्र भदोही के ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी से चार बार विधायक रह चुके हैं। वह जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के पद पर भी रहे हैं। उन्हें सिंगर से रेप, हत्या सहित अन्य कई मामलों में भी सजा हो चुकी है। उनकी पत्नी रामलली मिश्रा भी भदोही से जिला पंचायत अध्यक्ष और मिर्जापुर-सोनभद्र सीट से सपा की एमएलसी रह चुकी हैं।