नानौता। माहे मोहर्रम की सातवीं तारीख पर नगर में हजरत कासिम की याद में अकीदत और एहतराम के साथ विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस से पूर्व इमामबारगाह असद अली छत्ता में मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें इलाहाबाद से तशरीफ लाए मौलाना डॉ. जरगाम हैदर ने खिताब करते हुए कर्बला की घटना और हजरत कासिम की शहादत पर प्रकाश डाला। मजलिस के दौरान जब मौलाना ने हजरत कासिम की दर्दनाक शहादत का बयान किया तो मौजूद शिया सोगवार गमगीन हो उठे और नम आंखों से उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस के समापन के बाद मोहम्मद सफदर हुसैन के मकान से शबीहे जुलजनाह हजरत कासिम बरामद हुई, जिसके साथ मातमी जुलूस का शुभारंभ हुआ। जुलूस इमामबारगाह मासूमा बेगम, छुम्मा, कसर-ए-फातमी चैक, इमामबारगाह दरबार-ए-हुसैन सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए इमामबारगाह महल पहुंचकर संपन्न हुआ।read more:https://pahaltoday.com/prerna-yatra-organized-on-mangal-pandey-martyrdom-day-and-bankim-chandra-chattopadhyays-death-anniversary/जुलूस के दौरान अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन जुल्फकार-ए-हैदरी, अंजुमन सरकारे अबुतालिब और अंजुमन हैदरी के सदस्यों ने इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में नौहाख्वानी और मातम किया। भीषण गर्मी को देखते हुए जुलूस मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पानी की सबीलें लगाई गईं, जहां अकीदतमंदों और राहगीरों को शर्बत एवं ठंडा पानी वितरित किया गया। वहीं अंजुमन सरकारे अबुतालिब की ओर से कुआं चैक पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने डॉ. प्रमोद कुमार के नेतृत्व में जुलूस में शामिल अजादारों को प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान कीं। मौलाना तनवीर आलम ने बताया कि माहे मोहर्रम के मातमी कार्यक्रमों का सिलसिला दसवीं मोहर्रम तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में रात के समय इमामबारगाह असद अली छत्ता और कसर-ए-जहरा से भी मातमी जुलूस निकाले जाएंगे, जो देर रात तक विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेंगे। नगर में मोहर्रम के कार्यक्रमों को लेकर अकीदतमंदों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।