लखनऊः अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर राजधानी लखनऊ स्थित शहीद भगत सिंह तरणताल, महानगर में डॉ टंडन, विजय द्विवेदी, अर्जुन सिंह, रमेश कुमार सौनी, प्रदीप गुप्ता, दिनेश चन्द्र गुप्ता, सार्थक,भरत वर्मा, प्रवीन, उपेंद्र, डॉ मोहम्मद कामरान आदि ने जलयोग का प्रदर्शन करके इसकी महत्ता के बारे में लोगो को अवगत कराया।वर्ष 2014 से अंतराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के बाद पूरे देश मे हर साल 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस बड़ी भव्यता के साथ मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में योग दिवस के भव्य आयोजन के निर्देश दिए हैं।read more:https://pahaltoday.com/13479-rupees-refunded-to-the-account-of-the-victim-of-cyber-fraud/ इसी क्रम में साधारण योग की तुलना में जलयोग करने से स्वास्थ्य में दोगुना लाभ प्राप्त होता है परन्तु जलयोग में बहुत ही एकाग्रता और मानसिक संतुलन की आवश्यकता होती है इसलिए अगर योग का दोगुना लाभ पाना चाहते हैं तो शहीद भगत सिंह तरणताल, महानगर लखनऊ में आकर जलयोग के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जल योग से न सिर्फ शरीर में ठंडक रहेगी बल्कि आये दिन होने वाली डिप्रेशन जैसी कई समस्याओं से छुटकारा भी प्राप्त होगा। विगत 22 वर्षों से जल योग करने वाले दिनेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि जल योग करने से उनका शरीर लचीला हो गया है और घुटने आदि के दर्द से निजात मिल गया है, अभिनय कौशल और गीत संगीत के लिए देश विदेश मे।मशहूर शख्सियत के रूप में विख्यात रमेश कुमार सैनी के अनुसार जलयोग से पूरे शरीर को आराम मिलता है और मांसपेशियों में संगीत की धुनों की नई तरंगे बजने लगती है, व्यवसायी अवधेश शुक्ल के अनुसार जलयोग से न सिर्फ गर्मी से निजात मिलती है बल्कि थकान और तनाव से मुक्त होकर पूरा दिन आराम से गुजरता है।डॉ मोहम्मद कामरान जिनको जल में उतरें मात्र तीन वर्ष ही गुज़रा है उनके अनुसार पानी मे हाथ पैर चलाने से न सिर्फ घुटने के लिगामेंट समस्या से आराम मिला है बल्कि पानी मे बैठकर प्राणायाम करने से सांस, गुर्दा, दिल आदि अनेक असाध्य रोगों से छुटकारा मिल सकता है। विजय द्विवेदी, अर्जुन और प्रदीप गुप्ता के अनुसार उनके लिए जलयोग अत्यंत लाभकारी है और प्रतिदिन कंधे तक भरे पानी में बैठ कर कपालभाति करने से तमाम तरह की बीमारियों को दूर तो भगाते है वहीं शहीद भगत सिंह तरण ताल के समस्त सदस्यों के साथ हँसते खिलखिलाते ज़िंदगी के नए बुलबुले बनाते हुए जलयोग को आगे बढाने के साथ सामर्थ जैसे युवाओं को जल संग्रह और नदियों के साफ सफाई अभियान में जोड़कर आने वाली पीढ़ी को जाग्रत करने का नित्य प्रयास किया जा रहा है।