भदोही। सीपीआई, सीपीआई (एम), सीपीआई (एमएल), एआईएफबी व आरएसपी पार्टियों के कार्यकर्ता होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के हमले की गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कड़ी निंदा की। इस हमले में भारतीय चालक दल के 3 नाविक मारे गए। वामपंथियों ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान एआईएफबी के जिलाध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव ने कहा कि यह भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर किया गया तीसरा हमला है। अमेरिकी सरकार नाकाबंदी उल्लंघन करने वाले जहाजों पर हमले जारी रखने की धमकी दे रही है। अमेरिकी प्रशासन की ये कार्रवाइयां संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में स्वतंत्र नौवहन के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। सीपीआई (एमएल) के जिला सचिव बनारसी सोनकर ने कहा कि अमेरिका दुनिया पर दबंग की तरह प्रभुत्व थोपने की कोशिश कर रहा है। एआईएफबी के जिला महासचिव रामजीत यादव ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर अमेरिका की जूनियर साझेदार बनने का आरोप लगाया।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-was-a-leading-leader-in-the-countrys-politics-rajnath/अमेरिकी हमले के बाद उससे माफी न मंगवा पाना सरकार की विफलता और भारत की संप्रभुता-आत्मसम्मान का अपमान बताया। सीपीआई के जिला सचिव राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया ने कहा कि ईरान-पश्चिम एशिया पर अमेरिकी हमलों से ऊर्जा लागत, उर्वरक व आवश्यक वस्तुओं की कमी से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। पांचों वामपंथी पार्टियों की जिला कमेटियों ने मांग की है कि अमेरिकी हमले में मारे गए तीनों नाविकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। इन मौतों के जिम्मेदारों को दंडित करने के लिए भारत सरकार सभी कूटनीतिक उपाय करे और सभी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर निंदा करे। ग्लोबल साउथ के विकासशील देश के रूप में भारत को अमेरिकी साम्राज्यवादी आक्रामकता की निंदा करते हुए ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज का नेतृत्व करना चाहिए। इस मौके पर भूलाल पाल, केशव प्रसाद विश्वकर्मा, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।