बाराबंकी। जिले की हैदरगढ़ तहसील में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसील बार एसोसिएशन के बीच पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद बुधवार को खुलकर सामने आ गया। एसडीएम कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं और राजस्व कर्मियों के आमने-सामने आने से तहसील परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई और स्थिति हाथापाई तक पहुंचने की नौबत आ गई। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अभद्रता, गाली-गलौज और माहौल खराब करने के आरोप लगाए हैं। विवाद के चलते तहसील परिसर में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार हैदरगढ़ के एसडीएम राजेश विश्वकर्मा और तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा के बीच पिछले कई दिनों से विभिन्न मुद्दों को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार को मामला उस समय और अधिक गंभीर हो गया जब एसडीएम न्यायालय के बाहर दोनों पक्षों के समर्थक बड़ी संख्या में आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और अधिवक्ताओं तथा राजस्व कर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि तहसील परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह हालात को नियंत्रित किया। घटना के बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन में संजय सिंह, बृजेन्द्र सिंह ‘बिज्जू’, राजेश कुमार, संतोष कुमार पांडेय, विभोर गुप्ता, कुंवर देवेंद्र सिंह ‘बबलू’, कुलदीप शर्मा, पिंटू सिंह, पवन सिंह, शिरीष यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने इस पूरे प्रकरण को अधिवक्ता समाज के सम्मान और गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए उपजिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं बार एसोसिएशन द्वारा कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी के बाद हैदरगढ़ तहसील में प्रशासनिक और न्यायिक कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों पर कायम हैं और पूरे मामले को लेकर तहसील परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।read more:https://pahaltoday.com/the-ceasefire-will-have-global-implications-for-energy-the-economy-and-diplomacy-which-will-be-a-relief-for-the-general-public/ बार अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा ने एसडीएम कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि साढ़े बारह बजे के करीब एसडीएम न्यायिक कोर्ट में बैठे थे। हमने पूछा कि आप अविवादित वादों में ऑर्डर नहीं कर रहे हो और कोर्ट नहीं चलाते हो इसके बावजूद आप चोरी छिपे ऑर्डर कर रहे हो ये क्या कारण है। जिसपर एसडीएम ने कहा कि ये मेरी कोर्ट है, मै ऑर्डर करूं या न करूँ ये मेरा अधिकार है। बार अध्यक्ष का आरोप है कि इसके बाद वो तहसीलदार कोर्ट चले गए। जब बाहर होहल्ला सुनकर बाहर आया तो देखा कि श्यामलाल पेशकार, एसडीएम हैदरगढ़, अभिषेक वर्मा लेखपाल संघ अध्यक्ष, राहुल कनौजिया और 10-15 लेखपाल व अन्य लोगो ने गाली देते हुए कहा कि तुमने हमको गाली दी है। उक्त लोगों ने हमारा कॉलर पकड़कर हमे मार डालने की कोशिश की। उनका आरोप है कि एसडीएम हैदरगढ़ अपने कर्मचारियों को ललकार रहे थे और हम अपने अधिवक्ताओं को रोक रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी कार्यालय में बिना “सुविधा शुल्क” के आम जनता के कार्य नहीं होते। उनका कहना है कि अविवादित मामलों की फाइलें भी अनावश्यक रूप से लंबित रखी जाती हैं और अधिवक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। एसडीएम के स्थानांतरण की उठी मांग बार एसोसिएशन ने एसडीएम राजेश विश्वकर्मा के स्थानांतरण की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अधिवक्ता अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। वहीं दूसरी ओर एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष न्यायालय की कार्यवाही को अपनी इच्छा के अनुसार संचालित करवाना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से लंबे समय से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। एसडीएम के अनुसार कई बार वार्ता के लिए बुलाने के बावजूद बार अध्यक्ष बातचीत के लिए नहीं आए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान शुरू हुआ विवाद राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि बुधवार को वह अपने न्यायालय में धारा-34 से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष न्यायालय पहुंचे और बहिष्कार के बावजूद कोर्ट चलाने को लेकर आपत्ति जताने लगे। एसडीएम का आरोप है कि बातचीत के दौरान उनके लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया तथा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि विरोध करने पर बार अध्यक्ष वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद दर्जनों अधिवक्ताओं के साथ लौटकर हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम के समर्थन में आए राजस्वकर्मी एसडीएम का कहना है कि जब स्थिति तनावपूर्ण हो गई और अधिवक्ताओं का समूह उग्र हो गया तो राजस्व कर्मी उनके समर्थन और सुरक्षा के लिए सामने आ गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया। उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार की जाएगी।