गांवों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त, ब्लॉक में बाबू और ऑपरेटर बने सफाईकर्मी

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गाजीपुर जमानियां। विकास खंड जमानियां में ग्रामीण सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। गांवों में तैनात सफाई कर्मियों को ब्लॉक कार्यालयों और अन्य सरकारी दफ्तरों में बाबूगिरी, अर्दली तथा कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कार्यों में लगाए जाने से ग्राम पंचायतों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांवों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और नालियां बजबजा रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद सफाई कर्मियों को उनके मूल कार्यस्थल से हटाकर कार्यालयों में तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि जमानियां विकास खंड कार्यालय में कई सफाई कर्मी प्रशासनिक कार्य करते देखे गए, जिनमें कोई कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका निभा रहा है तो कोई रजिस्टर और फाइलों का लेखा-जोखा संभाल रहा है। कुछ कर्मचारी अधिकारियों के निजी सहयोगी के रूप में भी कार्यरत बताए जा रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/this-milestone-is-a-collective-expression-of-the-trust-affection-and-blessings-of-the-people-of-the-country-chief-minister/भाजपा नेता संतोष पांडेय, उद्धव पांडेय, अनिल कुमार मद्धेशिया, संजीत यादव और अरविन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है। गांवों में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी का अंबार लगा है और नालियां जाम पड़ी हैं। शासन प्रत्येक माह ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर सफाई कर्मियों को मानदेय दे रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद खराब है।स्थानीय लोगों ने बताया कि विकास खंड कार्यालय में तैनात सफाई कर्मियों में कोई कंप्यूटर ऑपरेटर बना हुआ है तो कोई प्रशासनिक कार्यों में लगा है। वहीं कुछ कर्मचारी कार्यालयी दस्तावेज और फाइलें संभालते देखे गए। इससे जिन गांवों में उनकी ड्यूटी निर्धारित है, वहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।संतोष कुमार पाण्डेय और उद्धव कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि सहायक पंचायत अधिकारी से लेकर विकास खंड अधिकारी तक पूरे मामले से अवगत हैं, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन के आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और गांवों की जनता गंदगी के बीच जीवन यापन करने को मजबूर है। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर कार्यालयों में तैनात सफाई कर्मियों को तत्काल गांवों में भेजने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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