बहराइच ( पयागपुर तहसील )। भूपगंज बाजार स्थित त्रिदेव मंदिर में वार्षिक उत्सव के अवसर पर रानी शक्ति दादी के भव्य मंगल पाठ, भजन संध्या एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे आयोजन की भव्यता देखते ही बन रही थी।कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन-अर्चन के साथ पंडित प्रेम कुमार पाठक एवं श्याम बिहारी शर्मा द्वारा किया गया। इसके बाद पाठ वाचक रमन गुप्ता ने रानी शक्ति दादी की महिमा का वर्णन करते हुए उनके त्याग, तपस्या और भक्तों के प्रति असीम कृपा का विस्तार से वर्णन किया। मंगल पाठ के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर जयकारे लगाते रहे।इस आयोजन की सबसे विशेष झलक 108 महिलाओं की सामूहिक सहभागिता रही। सभी महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में एक स्वर में मंगल पाठ किया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।मंगल पाठ के उपरांत आयोजित भजन संध्या में भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही। भजन गायकों ने “रानी झुंझुनू वाली दादी की महिमा न्यारी है”, “हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा”, “बालाजी सरकार की जय-जयकार” और “मेरे भोले बाबा सबके रखवाले” जैसे भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालु तालियों और जयकारों के साथ भक्ति में झूमते नजर आए।read more:https://pahaltoday.com/prime-minister-modi-together-with-chief-minister-yogi-transformed-up-the-double-engine-government-turned-the-state-into-the-countrys-growth-engine/भजन संध्या में रानी शक्ति दादी, खाटू श्याम प्रभु, मेहंदीपुर बालाजी महाराज और भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान किया गया। देर रात तक चले इस आयोजन में पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।कार्यक्रम के समापन पर महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।इस अवसर पर विनोद अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, श्रीमती पायल अग्रवाल, शुभी अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, नीतू अग्रवाल सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान “जय दादी की”, “खाटू नरेश की जय” और “बालाजी महाराज की जय” के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।