ललितपुर- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ललितपुर द्वारा संचालित समर इंटर्नशिप कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत आज दिनांक 08.06.2026 को विधि महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (नेहरू नगर), ललितपुर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवप्रिय सारस्वत की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विधि के विद्यार्थियों को किशोर न्याय प्रणाली, बाल संरक्षण तंत्र, बालकों के पुनर्वास एवं सुधारात्मक उपायों के संबंध में व्यावहारिक एवं संवेदनशील जानकारी प्रदान करना था। भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह की कार्यप्रणाली, वहां निवासरत किशोरों के अधिकारों, उनकी देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।विद्यार्थियों को बताया गया कि किशोर न्याय व्यवस्था का मूल उद्देश्य विधि से संघर्षरत अथवा देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को दण्डित करना नहीं, बल्कि उनका संरक्षण, सुधार एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना है। इस व्यवस्था के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराते हुए उन्हें पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने सम्प्रेक्षण गृह परिसर का अवलोकन किया तथा वहां उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।read more:https://pahaltoday.com/severe-heat-will-again-torment-delhi-ncr/ उन्हें बताया गया कि बच्चों के लिए नियमित शिक्षा, कौशल विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, परामर्श सेवाओं तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है। साथ ही बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण हेतु समय-समय पर विभिन्न सुधारात्मक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ललितपुर देवप्रिय सारस्वत ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाल अधिकारों का संरक्षण एक संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र बच्चों को आवश्यक विधिक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के वंचित एवं संवेदनशील वर्गों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने तथा न्याय व्यवस्था के सुधारात्मक पक्ष को समझने हेतु प्रेरित किया।राजकीय सम्प्रेक्षण गृह के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए गृह की विभिन्न व्यवस्थाओं, बच्चों के पुनर्वास कार्यक्रमों तथा बाल संरक्षण संबंधी उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। छात्र-छात्राओं ने किशोर न्याय प्रणाली के व्यवहारिक पक्ष को निकटता से समझा तथा बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।इस अवसर पर रमेश सिंह प्रभारी अधीक्षक, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, ललितपुर, एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विशाल कुमार, डी0ई0ओ0, अरविन्द कार्यालय सहायक एवं अनिल गनर उपस्थित रहे।