गाजीपुर जमानियां। जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में सीमांकन या पत्थर गढ़ी की कार्यवाही राजस्व विभाग के नियम और राजस्व संहिता की धारा 24/130 के अंतर्गत की जाती है। इस कार्यवाही की चरण-दर-चरण प्रक्रिया निम्नलिखित है। प्रभावित भूमिधर द्वारा राजस्व विभाग के यूपी राजस्व न्यायालय पोर्टल या संबंधित उपजिलाधिकारी (SDM) / तहसीलदार के न्यायालय में नियमानुसार शुल्क जमा कर वाद दायर किया जाता है। जिसका राजस्व निरीक्षक द्वारा पैमाइश आदेश के अनुपालन में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक (RI) अमीन और लेखपाल द्वारा विवादित स्थल पर जाकर आधुनिक उपकरण (जैसे ETS/DGPS) या जरीब के माध्यम से नापजोख की जाती है। पत्थर गढ़ी कार्यवाही करते है। उसी कार्यवाही के तहत मौजा पचोखर में नाप के बाद दोनों पक्षों की उपस्थिति में सीमा बिंदु तय कि गई। जिसके बाद स्थाई रूप से पत्थर, पिलर या गाड़े (पत्थर गढ़ी) की कार्यवाही किया गया। हैं।read more:https://pahaltoday.com/indias-future-will-be-in-danger-due-to-repeated-paper-leaks/ जांच दल द्वारा 154,155 पूरी नापजोख कर पत्थर गढ़ी की कार्यवाही का पूरा ब्यौरा तैयार कर न्यायालय में रिपोर्ट जमा करने की कार्यवाही किया। इस संबंध में तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने बताया कि कोई आपत्ति न होने या आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत उपजिलाधिकारी द्वारा कार्यवाही की पुष्टि कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि अपनी संबंधित कार्यवाही की वर्तमान स्थिति, तिथि और आदेश की कॉपी देखने के बाद ही कार्यवाही किया गया। कार्यवाही का मुआयना राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (RCCMS) पर अपने जिले और गाटा संख्या (खसरा नंबर) का विवरण डालकर जांच कर सकते है। उक्त मौके पर नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, लेखपाल आदि सहित राजस्व कर्मी शामिल रहे