लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को वकीलों के अवैध चैंबरों पर चला बुलडोजर बड़ा विवाद बन गया। प्रशासन की कार्रवाई में भारी पुलिस बल तैनात रहा और विरोध कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज किया गया। इस घटना के बाद बार एसोसिएशन और वकीलों में भारी आक्रोश देखने को मिला। वकीलों ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन” बताते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाईकोर्ट ने कुछ अवैध चैंबरों को हटाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद नगर निगम की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और चैंबर तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। हालांकि इस दौरान वकीलों ने विरोध भी किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने आदेश की आड़ में करीब 240 चैंबरों पर कार्रवाई कर दी। उनका कहना है कि जिन चैंबरों को चिन्हित किया गया था, उनमें कई वकीलों के चैंबर शामिल ही नहीं थे, बावजूद इसके उन्हें भी तोड़ दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कई वकीलों की तबीयत भी बिगड़ गई।read more:https://worldtrustednews.in/grand-bhandara-of-ultimed-multi-solutions-pvt-ltd-on-tuesday-19th-may/ कुछ वकील जमीन पर बैठकर विरोध जताते रहे तो कुछ ने कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बहस की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। वकीलों का कहना है कि वे पिछले करीब 30 सालों से वहीं बैठकर वकालत कर रहे हैं और अचानक इस तरह की कार्रवाई उनके रोजगार पर सीधा हमला है। वकीलों ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उन्हें वहां से हटाया जा रहा है तो पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। वहीं प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी और उचित समाधान नहीं निकाला तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।