बाराबंकी। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने वस्तुओं पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर सरकारी नियंत्रण लागू करने और उत्पादों पर कुल उत्पादन लागत अंकित करने की मांग की है। संगठन ने इस मुद्दे पर 25 मई, 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन का आरोप है कि कंपनियां मनमाने ढंग से एमआरपी तय कर उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूल रही हैं, जिससे ग्राहकों का आर्थिक शोषण हो रहा है। ग्राहक पंचायत का कहना है कि एमआरपी व्यवस्था में सुधार आवश्यक है। अवध प्रांत के संगठन मंत्री डॉ. आर. पी. सिंह विसेन ने बताया कि ग्राहक पंचायत पिछले तीन वर्षों से एमआरपी व्यवस्था में सुधार के लिए जनजागरण और आंदोलनात्मक कार्यक्रम चला रही है। इसी क्रम में, बाराबंकी जिला अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह और जिला सचिव दिवाकर सिंह ने प्रदेश के खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सतीश शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि इससे पहले जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी नवाबगंज और तहसीलदार नवाबगंज को भी ज्ञापन देकर एमआरपी व्यवस्था में सुधार की मांग की जा चुकी है। ज्ञापन सौंपते समय मीडिया प्रभारी अमित सिंह सूर्यवंशी और कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुड्डू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।read more:https://pahaltoday.com/sports-is-a-powerful-medium-for-the-physical-and-mental-development-of-youth-ashish-pandey/ ग्राहक पंचायत की प्रमुख मांगों में वस्तुओं पर अंकित एमआरपी पर सरकारी नियंत्रण लागू करना और उत्पादों पर कुल उत्पादन लागत अंकित करना शामिल है। संगठन का मानना है कि इससे ग्राहकों को वस्तुओं की वास्तविक कीमत की जानकारी मिल सकेगी और अनावश्यक मुनाफाखोरी पर अंकुश लगेगा। जिला अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह और जिला सचिव एडवोकेट दिवाकर सिंह ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 25 मई को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में देशभर से दो हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे, जिसमें बाराबंकी से भी लगभग दस कार्यकर्ता भाग लेंगे।