नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। थरूर ने आरोप लगाया है कि उनकी सहमति के बिना उनके नाम, छवि और व्यक्तित्व का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की पीठ करेगी। कांग्रेस नेता ने अपनी याचिका में कई आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से राहत मांगी है। इसमें कई अज्ञात लोग भी शामिल हैं। थरूर ने कोर्ट से अपील की है कि इंटरनेट और अन्य प्लेटफॉर्म से कई डीपफेक वीडियो और एआई-मॉर्फ्ड कंटेंट को तुरंत हटाया जाए। बता दें थरूर की ओर से यह याचिका लॉ फर्म ट्राईलीगल के पार्टनर और वकील निखिल नरेंद्रन के जरिए दायर की गई है। थरूर अब उन अभिनेताओं, क्रिकेटरों और अन्य मशहूर हस्तियों की लंबी सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने पिछले कुछ सालों में अपने पब्लिक और पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।read more:https://worldtrustednews.in/a-review-meeting-of-the-prime-ministers-adarsh-gram-yojana-was-held-under-the-chairmanship-of-cdo-bal-govind-shukla/ इससे पहले बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर भी कोर्ट से इसी तरह का इंजंक्शन हासिल कर चुके हैं। कोर्ट ने विज्ञापनों, मर्चेंडाइज और एआई-जनरेटेड कंटेंट में इन सितारों के नाम, आवाज, तस्वीर और हुबहू पहचान के बिना इजाजत इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगाई थी। अब शशि थरूर ने भी अपने अधिकारों को महफूज रखने और अपने नाम-पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए यही कानूनी रास्ता अपनाया है। केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर पूर्व राजनयिक और प्रसिद्ध लेखक भी हैं। राजनीति में कदम रखने से पहले, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में करीब तीन दशकों तक अपनी सेवाएं दीं और अंडर-सेक्रेटरी-जनरल के प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे। भारत सरकार में वे विदेश मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार भी संभाल चुके हैं। थरूर अपनी राजनीतिक पहचान के साथ-साथ एक वक्ता और जाने-माने लेखक के तौर पर भी मशहूर हैं, जिन्हें उनकी बेहतरीन अंग्रेजी शब्दावली और एन एरा ऑफ डार्कनेस तथा वाय आई एम ए हिंदू जैसी कई चर्चित किताबों के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।