गाजीपुर। अवैध रूप से कोडीन युक्त कफ सिरप के कारोबार से जुड़े बहुचर्चित मामले में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब दो नामजद आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। एनडीपीएस के विशेष लोक अभियोजक रत्नाकर दुबे के अनुसार, कुर्की की कार्रवाई के दबाव में आकर आरोपी राहुल यादव और दयाराम सिंह ने एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में सरेंडर किया।read more:https://khabarentertainment.in/the-disabled-victim-set-out-on-a-march-to-lucknow-threatening-self-immolation/दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। प्रशासन पहले ही इनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका था, जिसके चलते इन पर कानूनी शिकंजा और कसता जा रहा था।इस मामले में कुल छह आरोपी नामजद हैं। इनमें से एक आरोपी शुभम वर्मा पहले से ही जेल में बंद है। ताजा घटनाक्रम के बाद अब तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की नोटिस चस्पा कर दिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों के अवैध नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसमें कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही थी। जांच के दौरान आरोपी अपने पास मौजूद दवाओं का वैध लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।पुलिस का कहना है कि इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।