उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के सबसे लंबी सड़क का लोकार्पण किया। इसे ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेस वे के नाम से जाना जाता है। यह मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की प्रदेश की सबसे लंबी सड़क है। यह 12 जिलों से होती हुई गुज़रेगी। यह मेरठ से होते हुए हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर , हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगी। प्रदेश सरकार को इसके लिए बधाई कि अभी तक मेरठ से जो यात्रा प्रयागराज तक सड़क मार्ग से दस से बारह घंटे में तय होती थी वह इस मार्ग द्वारा छ या सात घंटे में पूरी होगी। प्रदेश सरकार को इसके लिए बधाई कि पश्चिम के ज़िलों के लोगों को इस संपर्क मार्ग से जो सुविधा मुहैया कराई है उससे हज़ारों लोगों को सुविधा होगी। यह मार्ग उत्तर प्रदेश के कृषि प्रधान क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगा।read more:https://pahaltoday.com/woodward-public-school-convocation-a-strong-step-toward-rebuilding-the-future/
परंतु महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या इस सड़क का प्रयोग किसान भाई कर पाएंगे? क्या छोटे व्यापारी अपना सामान इस मार्ग से ले जा पायेंगे?प्रदेश सरकार ने मेरठ से प्रयागराज तक कार का टोल टैक्स कुल 1800 रुपए लगाया है। यूपीडा ने इसका टैक्स 2.53 रुपये प्रति किलोमीटर लगाया है। पीपल रिसर्च ऑन इंडियास कंज्यूमर इकानिमी की 2020-21 की एक प्रमुख रिपोर्ट के अनुसार भारत में 92.8 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी वार्षिक घरेलू आय 1.25 लाख रुपए से कम है। मध्यम वर्ग के लगभग 43.2 करोड़ लोग हैं जिनकी वार्षिक आय 1.25 लाख रुपए से 5 लाख रुपए के बीच है। उच्च मध्यम आय वर्ग के लोगों की संख्या लगभग 5.5 करोड़ है जिनकी वार्षिक घरेलू आय तीस लाख रुपए के ऊपर है। उच्च आय वर्ग जिन्हें अमीर कहते हैं उनकी संख्या लगभग 10 प्रतिशत और अति अमीर लगभग एक प्रतिशत होंगे।
2025-26 के एक आकलन के अनुसार भारत का 55 प्रतिशत हिस्सा 9000 रुपये से कम प्रति माह कमाता है। भारत के 90 प्रतिशत कामगार 25000 रुपए प्रति माह कमाते हैं। विश्व बैंक के एक सर्वे के अनुसार 34.20 करोड़ लोग भारत में निम्न माध्यम आय वर्ग के हैं जिनकी प्रतिदिन की आमदनी 4.20 डालर प्रतिदिन है अर्थात् 398.37 रुपए प्रतिदिन हुई इस प्रकार पूरे माह की आमदनी 11951 रुपया हुई। मध्यम वर्ग के लोग अपने परिवार की सुविधा के लिए यदि कोई कार खरीदते हैं तो वह छोटी और अधिक माइलेज देने वाली गाड़ी को अपनी पहली प्राथमिकता देते हैं जिससे वह अपने परिवार को यह सुविधा उपलब्ध करा पाते है और जिसका बोझ वह उठा सकते हैं लेकिन यदि कार द्वारा इस सड़क का उपयोग करेंगे तो आने जाने में 3600 रुपये का उन्हें अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा जो इस आय वर्ग के लिए निश्चित ही एक गंभीर समस्या होगी। बस और ट्रक पर जब चार से पाँच हज़ार का टोल टैक्स पड़ेगा तो उसका ख़ामियाज़ा बस में चलने वाले यात्रियों और ट्रकों से जाने वाले माल को लेने वाले उपभोक्ताओं को ही वहन करना पड़ेगा। सरकार ने ऐसी सड़कों का निर्माण इसलिए कराया कि देश के सभी लोगों को इसका फायदा मिले साथ ही रेल पर यात्रियों का जो बोझ बढ़ रहा है उससे कुछ राहत मिले। देश की अधिकांश जनता निम्न आय और निम्न मध्यम आय वर्ग की है। ऐसी सुविधाओं का उसे भी उपयोग करने का अधिकार है । यदि बस का टोल बढ़ेगा तो उसका बोझ तो यात्री को ही उठाना पड़ेगा । फिर वह उसी रास्ते से बस द्वारा जाना पसंद करेगा जिसमे टोल टैक्स कम हो या नहीं हो । उससे कम से कम किराया कम पड़ेगा और बची हुई रकम से कोई और काम कर लेगा। इस टैक्स व्यवस्था का मतलब तो यह निकलता है कि यह सड़के केवल संपन्न लोगों के लिए बनाई गई हैं । यदि कार द्वारा कोई ऐसी सड़कों का प्रयोग करता है तो पैट्रॉल और टोल टैक्स मिलाकर इतना रुपया हो जाएगा कि लोग ट्रेन से ही यात्रा करना पसंद करेंगे। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह मार्ग किसानों के लिए बड़ा ही लाभकारी होगा मगर जब किसान ट्रैक्टर ट्राली पर अपना सामान लादकर इस सड़क पर चलेगा तो उसे 905 रुपया का टोल टैक्स देना पड़ेगा । जो किसान खेती में होने वाले व्ययभार को ही नहीं संभाल पा रहा है वह कैसे इस अतिरिक्त टोल टैक्स को झेल पाएगा? इस मार्ग का फ़ायदा तीर्थ यात्रियों को उस समय सबसे अधिक होगा जब प्रयागराज में अर्ध कुंभ या कुंभ लगेगा। इस मार्ग के बनने से रेल को यात्रियों के भारी बोझ से काफ़ी राहत मिलेगी । लेकिन यदि बस और कार का टोल टैक्स इतना महंगा होगा तो निम्न मध्यम और ग़रीब आय वर्ग के लोग तो सड़क मार्ग के बजाय रेल से ही यात्रा करना अधिक पसंद करेंगे। इसलिए सरकार को इस पर गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए और जितनी भी एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स है उसमे भारी बदलाव करना चाहिए। सरकार चाहे तो टैक्स लेने वाली कंपनियों की अवधि बढ़ा दे लेकिन इतना अधिक टोल टैक्स बिल्कुल मुनासिब नहीं है।