सहारनपुर। यू.पी. नर्सिंग होम एसोसिएशन सहारनपुर ब्रांच द्वारा जी.पी.ओ. रोड स्थित एक होटल के सभागार में वैज्ञानिक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक्स के सही उपयोग और संक्रमण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज, नई दिल्ली से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. वाई.पी. सिंह, डॉ. गौरव प्रताप सिंह तथा वरिष्ठ माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी मलिक ने अपने विचार प्रस्तुत किए।read more:https://pahaltoday.com/block-chief-inaugurated-the-interlocking-road-in-pipri-gohna-basti/डॉ. वाई.पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एंटीबायोटिक्स का उपयोग हमेशा सही मात्रा और निर्धारित अवधि तक ही करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एंटीबायोटिक्स का अनुचित या अत्यधिक उपयोग किया जाता है, तो बैक्टीरिया में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे दवाइयों का असर कम हो जाता है। इसलिए चिकित्सकों और मरीजों दोनों को इसके उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। वरिष्ठ माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी मलिक ने बताया कि किसी भी संक्रमण के उपचार में एंटीबायोटिक्स देने से पहले कल्चर रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कल्चर रिपोर्ट के आधार पर ही सही एंटीबायोटिक का चयन किया जा सकता है, जिससे उपचार अधिक प्रभावी और सुरक्षित होता है। इस अवसर पर डॉ. गौरव प्रताप सिंह ने अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण पर जोर देते हुए बताया कि ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और वार्ड में उचित स्टेरिलाइजेशन और विसंक्रमण की प्रक्रिया अपनाकर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इस दिशा में विशेष ध्यान देने की सलाह दी। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डॉ. डी.के. गुप्ता ने कहा कि एंटीबायोटिक्स का उपयोग केवल उन्हीं बीमारियों में किया जाना चाहिए, जहां इसकी वास्तविक आवश्यकता हो। अनावश्यक उपयोग से न केवल दवाओं का प्रभाव कम होता है, बल्कि यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. राहुल सिंह द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, जबकि संचालन डॉ. अमित पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर डॉ. मोहन पाण्डेय, डॉ. कलीम अहमद, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. सुभाष सहगल, डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. पूनम मखीजा, डॉ. रजनीश दहूजा, डॉ. प्रशान्त खन्ना, डॉ. उपशम गोयल, डॉ. गौरव टैहरी, डॉ. शादाब अंसारी, डॉ. मनीष गर्ग सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे। गोष्ठी का उद्देश्य चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, एंटीबायोटिक्स के विवेकपूर्ण उपयोग और संक्रमण नियंत्रण के प्रति जागरूक करना था। इस प्रकार के आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।