नशे के पांच मिनट के मजे के कारण तीन पीढियो के रिश्ते हो जाते खत्म…ज्योति बाबा

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कानपुर नशा परिवार में हिंसा और रिश्तो के टूटने की एक बहुत बड़ी वजह है नशे की लत सिर्फ पीने वाले को ही नहीं बल्कि पूरे घर को बर्बाद करती है नशे के कारण शक, चिड़चिड़ापन,पत्नी व बच्चों पर हाथ उठाना बहुत आम हो जाता है उपरोक्त बात  सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व हिंदू जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति युवा भारत थीम पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी शीर्षक क्या नशे की गिरफ्त में परिवार टूट रहे हैं पर अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी योग गुरू ज्योति बाबा ने कहीं,ज्योति बाबा ने आगे कहा कि जिन घरों में मां घरेलू हिंसा झेलती है वहां बच्चों का विकास रूक जाता है वजन कम हो जाता है कमजोरी आती है कुल मिलाकर हिंसा बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डालती है। ज्योति बाबा ने आगे कहा कि नशेड़ी की कमाई दारू स्मैक में जाती है घर में खाने, फीस दवाई के पैसे नहीं बचते और वह कहती हैं रसोई में चाय बनाते हाथ कापंते हैं वजह चूल्हे की गर्मी नहीं बल्कि पति द्वारा नशे में की गई बेतहाशा मार है। शिक्षाविद साकेत सिंह ने कहा कि औरतें सबके सामने खुशहाल बहू का नाटक करती हैं पर अंदर से नशे की हिंसा के चलते टूट चुकी होती हैं। भरोसा खत्म,बातचीत बंद और रिश्तो को सिर्फ ढोया जाता है। समाज सेवी उपेंद्र मिश्रा ने कहा कि ऐसा नहीं कि नशे के चलते सिर्फ महिला ही हिंसा झेलती है बल्कि पुरुष भी हिंसा का शिकार होते हैं क्योंकि उनके पास कानून बचने के कम है यूएन की 2016 स्टडी में भारत पत्तियों से पिटने में दुनिया में तीसरे नंबर पर था। नशा करने वाली पत्नियों की बढ़ती संख्या से अब पुरुष समाज भी भयभीत है।डॉक्टर धर्मेंद्र यादव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोसाइटी योग ज्योति इंडिया ने कहा कि भारत में दो करोड़ से ज्यादा महिलाएं नशे के कारण घरेलू हिंसा की पीड़ा झेलने को विवश रहती हैं। जिसका प्रभाव बच्चों में कुपोषण, स्कूल छूटना या खुद आगे चलकर नशेड़ी बन जाना इत्यादि है।read more:https://pahaltoday.com/block-chief-inaugurated-the-interlocking-road-in-pipri-gohna-basti/
 प्रदेश महिला संयोजिका डॉक्टर सुलोचना दीक्षित ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े 2012 से 2022 के बीच 13 लाख से ज्यादा महिलाएं नशे की हिंसा के चलते पति/ससुराल की क्रूरता की शिकायत लेकर थाने पहुंची, तो हम समझ सकते हैं की वास्तविक स्थिति कहीं ज्यादा होगी।संगोष्ठी का संयोजन स्वतंत्र कुमार अग्रवाल, संचालन डॉक्टर आरसी शर्मा व धन्यवाद पीयूष रंजन सनातनी ने किया। अंत में सभी को ऑनलाइन नशा मुक्त युवा भारत संकल्प योग गुरू ज्योति बाबा ने कराया।
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