वाराणसी, । श्रीविद्यामठ में आयोजित एक गरिमामय समारोह में परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गौप्रहरी प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य गौसंरक्षण के प्रति जनजागरण और नई पीढ़ी में सांस्कृतिक चेतना का विकास करना रहा।read more:https://pahaltoday.com/tragic-accident-in-the-ganges-12-year-old-student-dies-after-falling-from-a-boat-mourning-spreads-in-the-tadighat-mallah-colony/श्रीगुरुकुलम न्यास द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में वाराणसी जनपद के विभन्न विद्यालयों के कक्षा 3 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य गौमाता के संरक्षण, गोकशी पर रोक और भारतीय परंपरा में गौ के महत्व को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना था।इस अवसर पर अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में गौमाता को मात्र एक पशु नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और सृष्टि की आधारशिला के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक गौमाता भारतीय समाज, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में गौमाता के महत्व को सीमित कर केवल आर्थिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि भारतीय संस्कृति में उनका स्थान मातृस्वरूप है। उन्होंने गौमाता को “राष्ट्रमाता” का दर्जा देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि समाज को इस दिशा में संगठित प्रयास करने होंगे। शंकराचार्य जी ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों में सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ गौसेवा के प्रति प्रेरणा भी देंगी। उन्होंने अन्य संस्थाओं से भी इस प्रकार के प्रयासों में आगे आने का आह्वान किया।श्रीगुरुकुलम न्यास के अध्यक्ष अभय शंकर तिवारी ने कहा कि यह प्रतियोगिता शंकराचार्य जी के गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन का एक विनम्र प्रयास है। उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में “गिलहरी प्रयास” बताया। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार ने किया, जबकि प्रतियोगिता के समन्वयक विक्रम त्रिवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्रीमठ के उत्तराधिकारी राघव दास जी महाराज, परमात्मानंद जी महाराज, त्रिभुवन जी, बृजेश सेठ, अभिषेक सिंह, सोनू मौर्य, श्रेया श्रीवास्तव, उपेंद्र चौधरी, अम्बरीष कुमार राय, ब्रह्मानंद शुक्ल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम की जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी।