डॉ. भरत कुमार, नई दिल्ली,…”मूल्यों के बिना शिक्षा (ज्ञान) शून्य या हानिकारक हो जाती है, जैसे मूल भाव को केंद्रित करते हुए संस्कार भारत अभियान एक राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ नई दिल्ली में हुआ। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सी. डी. देशमुख सभागार में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा एवं नई शिक्षा नीति 2020 पर आधारित एक राष्ट्रीय पहल है। संस्थापक अध्यक्ष संस्कार भारत अभियान और ह्यूमैनिटी टेक इंडिया न्यास के प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ मनोज कुमार वाजपेयी ने बताया कि इसका उद्देश्य संस्कार से सुखी जीवन और लक्ष्य संस्कारयुक्त शिक्षा से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है। वर्तमान समय में लुप्त हो चुकी नैतिक आचरण की व्यवस्था और आधुनिकता के आवरण ने भारत की मूल आत्मा को चोटिल किया है। बस उन्हीं कमियों को ठीक करने के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया गया है। आगामी समय में भारतवर्ष के समस्त राज्यों में नैतिक शिक्षा और आचरण की पूर्व में प्रचलित पाठ्यसामग्री को पुनः शिक्षण संस्थानों में जोड़ा जाए इसके लिए प्रयास किया जाएगा ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूर्ण करने के साथ साथ हमारी आने वाली पीढ़ी उत्तम नैतिक आचरण से युक्त हो, ऐसी सभी की मंशा है।read more:https://pahaltoday.com/ek-umeed-ngo-organised-a-village-meeting-in-rataniyapur-of-derapur-along-with-education-awareness-and-distribution-of-materials/
संयोजक संस्कार भारत अभियान स्वप्निल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित संस्कार रत्नों में पूर्व वरिष्ठ सलाहकार संयुक्त राष्ट्र संघ एवं कुलाधिपति IGTAMS डॉ मार्कण्डेय राय,
कुलाधिपति AAFT यूनिवर्सिटी व अध्यक्ष, ICMEI-फाउंडर नोएडा फ़िल्म सिटी डॉ संदीप मारवाह,
राष्ट्रीय अध्यक्ष IFWJ दिल्ली गोपाल मिश्रा,
वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ पी आर त्रिवेदी,
वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ पी बी शर्मा,
निदेशक लिंगायाज़ ललिता देवी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड साइंसेज़ डॉ प्रणव मिश्रा,
समाजसेवी शिवम् पंड्या,
समाजसेवी गौरव यादव पुनाली,
समाजसेवी और अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक डॉ रामावतार पलसानिया, समाजसेवी नीरज शर्मा और सैकड़ों गणमान्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर देशभर से पधारे हुए विशिष्ट गणमान्य जिन्होंने मूल्य-आधारित शिक्षा, नैतिकता, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट योगदान दिया है ऐसे कई भारतवासियों को संस्कार भारत एंबेसेडर अलंकरण 2026 से सम्मानित किया गया जो कि इस पहल से जुड़कर समग्र राष्ट्र में इस क्रांति के दूत बनेंगे ।
आगामी एक वर्ष में 1 करोड़ संस्कार भारत एंबेसेडर बनाने का सत संकल्प लिया गया है।