नई दिल्ली, 27 अप्रैल। डॉ भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के सभागार में दिव्यांग अन्तर महाविद्यालय महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ बाबू लाल मीणा, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सहयोग दी एनेबलिंग यूनिट ने किया। इस कार्यक्रम में दिव्यांगों के लिए खेल-कूद प्रतियोगिता के आयोजन के साथ-साथ सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी शामिल किया गया था।read more:https://pahaltoday.com/brother-in-law-beats-woman-over-share-dispute-threatens-to-kill-her/
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने कहा कि हमारा महाविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध करवाने के लिए संकल्पित है। मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि आने वाले दिनों में इस कॉलेज को दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सबसे बेहतर बनाने का प्रयास करूंगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लक्ष्मी बाई महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ बाबूलाल मीणा ने अपने जीवन और दिव्यांगता के बीच संघर्ष को दिव्यांग विद्यार्थियों के बीच साझा किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग होने के बावजूद हमने कभी हार नहीं माना तथा मेहनत कर घर, परिवार, समाज और मां-बाप का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के सारे महाविद्यालयों में दिव्यांगों के लिए खेल-कूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजित किया जाना चाहिए ताकि दिव्यांग विद्यार्थियों में आत्म विश्वास क़ायम किया जा सके। कार्यक्रम की आयोजक ईओसी की अध्यक्ष प्रो. ममता यादव ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी शारीरिक बनावट से नहीं बल्कि उसके व्यक्तित्व से होती है। समाज में दिव्यांगों को समान अवसर प्रदान कर ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रो. पूनम मित्तल ने किया। इस दौरान उन्होंने कथा-कहानी और प्रेरक उक्तियों व कथानकों से दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ राजबाला गौतम ने कहा कि हुनर किसी भी शारीरिक बनावट के अधीन नहीं होती। हमें दिव्यांग बच्चों का हमेशा हौसला अफ़ज़ाई करना चाहिए ताकि समाज में यह संदेश जाए कि दिव्यांग बच्चे भी इस समाज की प्रगति में योगदान दे सकते हैं। दिव्यांग अंतर महाविद्यालय महोत्सव-2026 में कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंकित और द्वितीय स्थान जीशान को प्राप्त हुआ। संगीत प्रतियोगिता में सेंट स्टीफेंस कॉलेज के मिरैकल ने प्रथम और खालसा महाविद्यालय की फरीना ख़ातून को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
टैलेंट हंट प्रतियोगिता में इंद्रप्रस्थ कॉलेज फ़ॉर वीमेन के माधुरी को प्रथम स्थान और द्वितीय स्थान डॉ भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के आयुष को प्राप्त हुआ। दौड़ प्रतियोगिता लड़कों में प्रथम स्थान राजधानी कॉलेज के धुरंधर चौधरी को, एसजीटीबी खालसा कॉलेज के अमन मित्तल को द्वितीय स्थान और राजधानी कॉलेज के गुड्डू कुमार को तृतीय स्थान हासिल हुआ। दौड़ प्रतियोगिता में लड़कियों में प्रथम पुरस्कार स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के गीता महतो,द्वितीय स्थान इंद्रप्रस्थ कॉलेज फ़ॉर वीमेन के रबिया और मिरांडा हाउस की कुंती कुमारी को तीसरा स्थान प्राप्त किया।इस महोत्सव में प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में प्रो. निशि शर्मा, डॉ सुनीता शर्मा, प्रो. शशि रानी, प्रो. मोनिका अहलावत और प्रो. दीपाली जैन शामिल रहे.सांस्कृतिक कार्यक्रम में किरोड़ी मल कॉलेज के जयवीर ने रैप की प्रस्तुति कर नशा से मुक्त होकर जीवन जीने का संदेश युवाओं को दिया। इंद्रप्रस्थ कॉलेज फ़ॉर वीमेन की छात्रा सपना ने राजस्थानी लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर सभागार में उपस्थित दर्शकों का मनमोह लिया। इसी कॉलेज की माधुरी ने हरियाणवी डिस्को की अनुपम प्रस्तुति दी। हास्य कलाकार दीपक सिहं राजपूत ने फिल्मी सितारों की आवाजों में सभागार में दर्शकों के बीच हास्य विनोद को जागृत कर दिया। उसने स्व रचित भोजपुरी गीत और स्व रचित संगाीत की प्रस्तुति देकर सभागार को जीवंत कर दिया।