गाजीपुर में किसान रजिस्ट्री अभियान तेज, 77% किसानों का पंजीकरण पूरा—अब सभी योजनाओं के लिए अनिवार्य

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गाजीपुर। जनपद में चल रहे किसान आईडी (फार्मर रजिस्ट्री) विशेष अभियान को लेकर जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में मुख्य विकास अधिकारी कक्ष में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में कुल 5,71,518 कृषक पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 4,42,482 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। यह कुल का लगभग 77.45 प्रतिशत है, जबकि 1,29,036 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। प्रशासन के अनुसार शासन के निर्देश पर 6 अप्रैल 2026 से सभी ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप लगाकर मौके पर ही रजिस्ट्री की जा रही है। 8 अप्रैल के शासनादेश के बाद अब सभी किसानों के लिए—चाहे वे पीएम किसान योजना के लाभार्थी हों या नहीं—फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान की अगली किस्त समेत सभी योजनाओं का लाभ अब रजिस्ट्री के आधार पर ही दिया जाएगा। विशेष अभियान के तहत अब तक 50 हजार से अधिक नए पंजीकरण किए जा चुके हैं। किसान अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र, ग्राम पंचायत कैंप या मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आसानी से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे मोबाइल, आधार कार्ड और खतौनी के साथ जल्द से जल्द रजिस्ट्री पूरी कर लें। ओटीपी साझा करने को लेकर भ्रम दूर करने की अपील निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कई किसान ओटीपी साझा करने में संकोच कर रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति में ओटीपी साझा करना सुरक्षित है और यह प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। किसी भी शंका की स्थिति में किसान ग्राम प्रधान, लेखपाल या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
पराली जलाने पर सख्ती, भारी जुर्माने का प्रावधानread more:https://pahaltoday.com/passenger-dies-after-falling-from-a-moving-train-body-found-near-railway-line/प्रेसवार्ता में पराली प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से जहां प्रदूषण बढ़ता है, वहीं मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है। इस वर्ष जिले में आग लगने की 136 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश मामलों में अज्ञात कारण या शॉर्ट सर्किट जिम्मेदार पाए गए। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि फसल अवशेष जलाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 2 एकड़ से कम भूमि पर 5,000 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 10,000 रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 30,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। किसानों से अपील की गई है कि वे पराली न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहयोग दें।

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