तहसील, ब्लॉक व थानों में भटक रहे मजदूर व गरीब, प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग
गाजीपुर (जखनिया): क्षेत्र में बढ़ती जनसमस्याओं को लेकर सीपीएम कार्यकर्ताओं ने आवाज उठाते हुए जमीन, मनरेगा, राशन कार्ड, श्रम विभाग में नाम दर्ज कराने, आधार कार्ड संशोधन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बढ़े हुए बिजली बिल व स्मार्ट मीटर जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं के कारण गरीब, खेतिहर मजदूर, दिहाड़ी व भट्ठा मजदूरों को तहसील, ब्लॉक और थाना स्तर पर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सीपीएम नेताओं ने कहा कि विकलांग, विधवा एवं वृद्धा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। इसके चलते आम जनता को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है।भूमि विवाद के एक मामले को उठाते हुए सीपीएम ने बताया कि वर्ष 1994 में दिए गए पट्टे के अंतर्गत आठ दलित परिवारों को भूमि आवंटित की गई थी। इनमें से छह परिवारों ने अपने मकान बनाकर निवास करना शुरू कर दिया, जबकि कुछ लोगों ने अपनी जमीन बेच दी। आरोप है कि पूनम सीमा के ससुर को मिली लगभग 400 वर्ग मीटर जमीन पर लेखपाल व पुलिस की मिलीभगत से एक व्यक्ति जबरन हिस्सा मांग रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।इसी प्रकार ग्राम झूटान में राजनाथ राम आराजी नंबर 277 में अपने परिवार के साथ कच्ची झोपड़ी में रहकर जीवन यापन कर रहे थे। बताया गया कि इसी भूमि पर अन्य लोगों को भी पट्टा दिए जाने के बाद लेखपाल व पुलिस प्रशासन द्वारा भूमि की नाप-जोख कर बची हुई जमीन को अन्य परिवारों को देने की प्रक्रिया की जा रही है, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।सीपीएम ने इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।