शेरकोट । सोमवार दोपहर उस समय नगर पालिका कार्यालय में हड़कंप मच गया, जब अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंकिता दीक्षित अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गईं। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस दौरे से कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।निरीक्षण के दौरान एडीएम ने कर अनुभाग, सफाई व्यवस्था, जलकल और प्रकाश विभाग सहित विभिन्न शाखाओं के कामकाज और अभिलेखों की गहराई से जांच की। फाइलों की पड़ताल करते हुए उन्होंने विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और कई खामियों को तुरंत सुधारने के निर्देश दिए।नगर के मुख्य चौराहों पर फैली गंदगी और कूड़े के ढेर देखकर उनका रुख और कड़ा हो गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के आदेश दिए और चेतावनी दी कि आगे किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इसके बाद एडीएम ने कान्हा गौशाला का भी निरीक्षण किया, जहां 231 गौवंश मौजूद मिले। निरीक्षण के दौरान दो घायल पशुओं का उपचार जारी होने की जानकारी दी गई। उन्होंने गौशाला की देखरेख को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के अंत में उन्होंने अधिशासी अधिकारी कृष्ण मुरारी को एमआरएफ सेंटर और डोमल प्लांट के संचालन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के आदेश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण और प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। एडीएम ने स्पष्ट कहा कि नगर की सफाई व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और नागरिक सुविधाओं में अब किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी, और जल्द ही सुधार जमीन पर दिखाई देना चाहिए।