बेटियों की सुरक्षा पर सवाल: छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज होते ही पीड़िता दवंगों की दवंगई से हुई हलकान , गांव मेंदहशत

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 अमृतपुर/फर्रुखाबाद
 जनपद के राजेपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही और कानून व्यवस्था की कमजोर स्थिति उजागर होती दिख रही है। छेड़छाड़ से परेशान एक महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराना उसके लिए और बड़ा खतरा बन गया, जब आरोपी पक्ष ने ही उसके साथ मारपीट कर डाली।पीड़िता के अनुसार, गांव निवासी एक युवक लंबे समय से उसकी नाबालिग बेटियों पर गलत नजर रखे हुए था। वह आए दिन अशोभनीय हरकतें करता और आपत्तिजनक टिप्पणियों से परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। लगातार हो रही इस उत्पीड़न से तंग आकर महिला ने हिम्मत जुटाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया।= न्याय की मांग बनी खतरे की वजह =
मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी पक्ष बौखला उठा और पीड़िता के साथ मारपीट कर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार गहरे भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। सवाल यह उठता है कि यदि शिकायतकर्ता ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद कैसे करें?
*मामले से जुड़ा है सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप भी* मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने गांव के तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया है। इस संबंध में महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।
* ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल*
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ बेटियों की सुरक्षा खतरे में है, तो दूसरी ओर दबंग खुलेआम सरकारी जमीन पर कब्जा कर कानून को चुनौती दे रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
* प्रशासन हरकत में, जांच के आदेश*
उपजिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व टीम को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि सरकारी भूमि पर कब्जा पाया गया, तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस को पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।- यह घटना न सिर्फ बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कहीं न कहीं कानून का डर कमजोर पड़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से न्याय दिला पाता है।

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