गोरखपुर के बड़हलगंज कस्बे में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती से पहले बाबा साहब के बैनर हटाने और फाड़े जाने का मामला सामने आया है। भीम सेवा आश्रम के नेतृत्व में मंगलवार को नगर पंचायत कार्यालय के सामने बड़हलगंज थानाध्यक्ष सुनिल राय को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।जानकारी के अनुसार, डॉ. अंबेडकर चौराहा बड़हलगंज पर पिछले 26 वर्षों से लगातार बाबा साहब की विशाल जयंती का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी 14 अप्रैल को प्रस्तावित जयंती समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। आयोजन के क्रम में पटना चौराहे पर बाबा साहब की जयंती के दो बैनर लगाए गए थे।आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीति उमर के संरक्षण में चेयरमैन प्रतिनिधि द्वारा इन बैनरों को हटवाने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें यह तक कहा गया कि यदि बैनर नहीं हटाए गए तो हटा दिया जाएगा। इसके बाद विवाद से बचने के लिए संबंधित लोगों ने स्वयं ही पटना चौराहे से दोनों बैनर हटा दिए।आरोप है कि बड़हलगंज सब्जी मंडी के पास एक पेड़ पर लगाए गए बाबा साहब के बैनर को जबरन फड़वा दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस कार्रवाई में 500 रुपये की रसीद के लिए अधिशासी अधिकारी को मोहरा बनाकर कर्मचारियों पर दबाव डाला गया और बैनर को हटवाया गया। बहुजन समाज के लोगों का कहना है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर किसी एक वर्ग या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे समाज के प्रेरणास्रोत और संविधान निर्माता हैं। ऐसे में उनके सम्मान से जुड़े बैनर को इस प्रकार हटाना करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। जब इस संबंध में अधिशासी अधिकारी राम समुख से जानकारी के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
इस दौरान सपा व्यापार सभा जिला अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन सूरज जायसवाल, बसपा विधानसभा उपाध्यक्ष श्रवण जयसवाल, शैलेंद्र कुमार बौद्ध, इंद्रजीत वाल्मीकि,प्रिंस आज़ाद , जंगबहादुर, देवनारायण बौद्ध बृजेश कुमार, संतोष कुमार, कमल प्रसाद. बाबूलाल, चक्रधारी सोनकर,संजय राणा प्रधान,संतोष कुमार प्रधान एवं देव शरण सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।