फर्रुखाबाद जनपद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यहां तैनात कोतवाल विनोद और दारोगा सुरेश चाहर पर ग्राम सभा की जमीन खाली कराने के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित मामले में पहले से ही एसडीएम के स्पष्ट आदेश मौजूद थे, इसके बावजूद पुलिसकर्मियों द्वारा कार्रवाई के नाम पर धनराशि की मांग की गई। शिकायत में बताया गया है कि कुल करीब ढाई लाख रुपये की मांग की गई, जिसमें से 1 लाख 75 हजार रुपये बैंक खाते के माध्यम से ट्रांसफर कराए गए, जबकि शेष रकम नकद ली गई।आरोप यह भी है कि दारोगा द्वारा रकम अपने बेटे के खाते में मंगवाई गई। साथ ही बेटे पर अवैध खेती से जुड़े कारोबार में संलिप्त होने का भी आरोप लगाया गया है, जो किराए के मकान में रहकर यह गतिविधि संचालित कर रहा था।इस पूरे प्रकरण में एक महिला प्रधान ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी से निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल मामला संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।