बड़हलगंज (गोरखपुर) में पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी से जुड़े एक शिलापट्ट को हटाने और उसकी जगह नया शिलापट्ट लगाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में एक वायरल ऑडियो सामने आने के बाद पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने प्रेस वार्ता कर सफाई दी है।बड़हलगंज स्थित अपने कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में विनय शंकर तिवारी ने वायरल ऑडियो को भ्रामक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे सत्ता पक्ष के इशारे पर फैलाया गया है। पूर्व विधायक ने कहा कि नगर पंचायत की निर्वाचित प्रतिनिधि चेयरमैन प्रीति उमर से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है।विनय शंकर तिवारी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ 48 घंटे के भीतर मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि प्रशासन को स्व. पंडित हरिशंकर तिवारी द्वारा कराए गए कार्यों के शिलापट्ट को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था में न्याय की उम्मीद को बेमानी बताया।उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक से उन्होंने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन में लोगों के साथ मिलकर काम किया है और कभी किसी को धमकी नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तव में शिकायत कर्ता और उनके गुरु को ही सुरक्षा की आवश्यकता है। इसलिए इस तरह का षड्यंत्र रचा गया है। विनय शंकर तिवारी ने आरोप लगाया कि वर्तमान जनप्रतिनिधि दूसरों के किए गए कार्यों का श्रेय खुद ले रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों के व्यवसायीकरण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इससे जनता का शोषण हो रहा है।उन्होंने जलकल की जमीन को कॉलेज द्वारा दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि उसे निजी कार्यालय बताना उचित नहीं है। महेश उमर द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विनय शंकर तिवारी ने स्पष्ट किया कि वह जिस स्थान पर बैठे थे, वह उनका कार्यालय है और वह वर्ष 1985 से वहीं बैठते आ रहे हैं। टाउन एरिया कार्यालय के पास चार घंटे तक बैठे रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका किसी का अहित करने का कोई इरादा नहीं है और वह संबंधित व्यक्ति को कोई तवज्जो भी नहीं देते है ।