सहारनपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 19 जिलों की 136 विधानसभा सीटों पर कराए गए विस्तृत सर्वे के बाद संगठन और जनप्रतिनिधियों को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट में कई मौजूदा विधायकों के प्रति जनता की नाराजगी, कार्यकर्ताओं की असंतुष्टि, गुटबाजी और स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर अब पार्टी बड़े स्तर पर टिकटों में बदलाव कर सकती है। सबसे चैंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि सहारनपुर जिले की सातों विधानसभा सीटों को लेकर भी रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मानी गई है। यदि सूत्रों की मानें तो पार्टी यहां बड़े बदलाव की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने स्वयं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चुनावी तैयारियों की कमान संभाल ली है और जल्द ही पूरे क्षेत्र का दौरा कर संगठन और जनप्रतिनिधियों की समीक्षा करेंगे। पार्टी पुराने और अनुभवी नेताओं को नई जिम्मेदारियां देने के साथ-साथ क्षेत्रीय संगठन में सोशल इंजीनियरिंग का संतुलन भी साधने की तैयारी में है।read more:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/ सूत्र यह भी बता रहे हैं कि पार्टी द्वारा कराए गए गोपनीय सर्वे में विधायकों की कार्यशैली, जनता के बीच उनकी छवि और संगठन के साथ समन्वय का भी विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। जिन सीटों पर रिपोर्ट कमजोर आई है, वहां नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। कुछ नेताओं की विधानसभा सीट भी बदली जा सकती है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं और उनकी यात्रा की शुरुआत सहारनपुर से होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम क्षेत्र है। ऐसे में पार्टी यहां किसी भी तरह की कमजोरी छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है।